अब बालाघाट के किसान हुए हाईटेक, ऑनलाईन प्राप्त कर रहे प्रशिक्षण

अब बालाघाट के किसान हुए हाईटेक, ऑनलाईन प्राप्त कर रहे प्रशिक्षण
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  • कोरोना के साथ भी-कोरोना के बाद भी, कृष‍ि विज्ञान केंद्र किसानो के साथ

बालाघाट : कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए लागू देश व्यापी लॉक डाउन के दौर में कृषि विज्ञान केन्द्र, बड़गांव, बालाघाट के वैज्ञानिकों द्वारा आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर कुछ नया सोचा एवं ऑनलाईन (गूगल मीट एप) प्लेटफार्म के माध्यम से जिले के किसानों को प्रषिक्षण देना प्रारम्भ कर दिया। कृषि विज्ञान केन्द्र, बड़गांव, बालाघाट के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. आर.एल. राऊत के मार्गदर्शन में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को खरीफ सीजन की तैयारियों, किचन गार्डन, किस्में का चयन, पौध सरंक्षण, मिट्टी परीक्षण, खाद संरक्षण एवं उद्यानिकी फसलों को लेकर उन्हें ऑनलाईन प्रषिक्षण एवं मार्गदर्शन दे रहे हैं। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों की विभिन्न समस्याओं का निराकरण भी ऑनलाईन ही किया जा रहा हैं।

ऑनलाईन ऐप के माध्यम से मिल रहा मार्गदर्शन
कृषि विज्ञान केन्द्र, बड़गांव, बालाघाट के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. आर.एल. राऊत ने बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना-19 के कारण लॉकडाउन के दौरान किसानों को एकत्रित कर उन्हें प्रशिक्षण देना संभव नहीं हैं। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राऊत के मुताबिक आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर जिले के किसानों को तकनीकि मार्गदर्षन देना अति आवष्यक हैं। इसलिए वर्तमान में परिस्थितियों के मद्देनजर डिजीटल तकनीक के तहत गूगल मीट ऐप का उपयोग कर किसानों को खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर ऑनलाईन प्रषिक्षण कृषि वैज्ञानिकों द्वारा दिया जा रहा हैं।

कृषि विज्ञान केन्द्र, बड़गांव, बालाघाट के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. राऊत ने बताया कि 11 मई 2020 से ऑनलाईन प्रशिक्षण शुरू कर दिया गया हैं, जो पूर्णतः सफल रहा। उन्होनें बताया कि ऑनलाईन प्रशिक्षण प्राप्त करने के इच्छुक कृषकों को गूगल मीट एप डाउनलोड करना होता हैं। इसके बाद किसानों को एक लिंक भेजी जाती हैं, जिसके द्वारा कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसान प्रशिक्षण से जुड़ते हैं एवं किसानों को ऑनलाईन प्रशिक्षण दिया जाता हैं। प्रशिक्षण के दौरान किसानों की समस्याओं को निराकरण भी किया जाता हैं।

किसानों को दे रहे हैं ये ऑनलाईन तकनीकी जानकारी
वैश्विक आपदा कोरोना महामारी के दौर कृषि विज्ञान केन्द्र, बड़गांव, बालाघाट के कृषि वैज्ञानिकों ने जिले के अन्नदाताओं की चिंता करते हुए उन्हें खरीफ सीजन की तैयारियों के लिए ऑनलाईन परीक्षण का इंतजार किया हैं। कृषि विज्ञान केन्द्र, बड़गांव, बालाघाट के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. आर.एल. राऊत के मार्गदर्शन में कृषि वैज्ञानिकों डॉ. एस.आर. धुवारे, डॉ. एस.के. जाटव, डॉ. बी.के. प्रजापति, डॉ. एम.पी. इंगले, श्री सुखलाल वास्केल, श्री धर्मेन्द्र आगाषे, श्री जितेन्द्र मर्सकोले, श्री हेमंत राहंगडाले एवं श्री जितेन्द्र नगपुरे द्वारा किसानों को फल सब्जियों का सरंक्षण एवं मूल्य संवर्धन, मूंग में पौध सरंक्षण के उपाय, बीज की ग्रेडिंग एवं पैकिंग कैसे करें, किचन गार्डन की देखभाल कैसे करें, खरीफ के पूव्र किसान भाई किस प्रकार की तैयारी करें। आदि विषयों पर प्रषिक्षण दिया जा चुका हैं एवं अन्य समयानुकूल विषयों पर प्रषिक्षण कार्यक्रम सतत जारी रहेगा।

किसानों का क्या कहना हैं
ऑनलाईन प्रषिक्षण से जुड़ने वाले किसानों का कहना हैं, कि कोरोना के संक्रमण काल के समय घर बैंठे अपने मोबाईल पर खेती से समय अनुकूल एवं आवश्यक जानकारी हमारा मार्गदर्शन कर रही हैं एवं आने वाले सीजन में इसके अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे।

कृषि विज्ञान केन्द्र की चाहत
कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. आर.एल. राऊत का मानना हैं, कि निश्चित रूप से तकनीक इस सोशल डिस्टेंन्सिग के साथ किसानों को जुड़ने का एक सशक्त माध्यम बनने जा रहा हैं, बस इस बात का इंतजार हैं, कि किसान फोन लगाकर कहे कि हमें भी प्रशिक्षण से जोड़ लो और हम कहे कि इस बार 250 की सीमा से अधिक किसान हो गये आप अगली बार के प्रशिक्षण में भाग लीजियें।

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