अभियुक्तों को जमानत दिलवाने के लिए आरोपी डॉक्टर बनाता था फर्जी चिकित्सा प्रमाण पत्र

अभियुक्तों को जमानत दिलवाने के लिए आरोपी डॉक्टर बनाता था फर्जी चिकित्सा प्रमाण पत्र
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दिल्ली हाईकोर्ट ने अभियुक्तों को जमानत दिलाने और सजा निलंबित कराने के लिए फर्जी चिकित्सा प्रमाणपत्र जारी करने वाले आरोपी डॉक्टर के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने अपराध शाखा को इस मामले में जांच कर रिपोर्ट सौंपने के भी निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की एकल पीठ इस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस की कानूनी सेल और अभियोजन निदेशालय को रिकॉर्ड की छानबीन करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि यह पता लगाया जाए कि कथित आरोपी डॉ. गजेंद्र कुमार नैयर के चिकित्सा प्रमाणपत्र और पैथोलॉजी की रिपोर्ट के आधार पर पिछले दो साल में कितने मामलों में आरोपियों या दोषियों को जमानत, अंतरिम जमानत दी गई और सजा को निलंबित किया गया।

एक आरोपी की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करने के दौरान आरोपी डॉक्टर की हकीकत का खुलासा हुआ। आरोपी ने द्वारका के एक निजी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ नैयर का पर्चा देकर कोर्ट से कहा कि उसकी पत्नी को ‘ओवेरियन सिस्ट’ है और तुरंत उसे सर्जरी कराने की जरूरत है। लेकिन जब पुलिस ने मामले की जांच की तो पता लगा कि जिस अस्पताल में आरोपी की पत्नी के भर्ती होने की बात कही गई, वहां उसकी पत्नी के भर्ती होने का काई रिकॉर्ड नहीं था। इसके साथ ही पुलिस ने कहा कि उस अस्पताल में उस सर्जरी की व्यवस्था ही नहीं थी, जिसके लिए चिकित्सा रिपोर्ट जारी की गयी थी।

इसके साथ ही पुलिस ने अपनी स्थिति रिपोर्ट में छह मामलों का हवाला देते हुए कोर्ट को बताया कि छह आरोपियों ने परिवार के सदस्यों की बीमारी के नाम पर जमानत मांगी थी और सभी मामले में डॉ. नैयर ने चिकित्सा रिपोर्ट दी थी। पुलिस का आरोप है कि 19 अप्रैल 2019 से 29 नवंबर तक लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद डॉ. नैयर मरीजों को देख रहा था।

इस मामले में दिल्ली चिकित्सा परिषद ने अपने मार्च के आदेश में दर्ज किया था कि डॉक्टर द्वारका मोड़ पर नर्सिंग होम और पैथोलॉजी चलाता है और निचली अदालत को एक शिकायत भी अग्रसारित कर दी गयी थी। इसमें कहा गया था कि डॉ. नैयर ने आरोपी के साथ साठगांठ कर मरीज को सर्जरी के नाम पर अदालत को गुमराह किया। यह भी बताया गया कि आरोपी का लाइसेंस पहले भी ऐसी शिकायतों की वजह से दो बार रद्द किया जा चुका है।

 

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