कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक

कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक
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छतरपुर

महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक शुक्रवार, 20 मार्च को कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। कलेक्टर ने बैठक में उपस्थित जिला महिला बाल विकास अधिकारी एवं सभी परियोजना अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों में कोरोना वायरस से बचाव के प्रयास किए जाएं। इन केन्द्रों मंे कोई भी महिलाएं समूह बनाकर एकत्रित नहीं होंगी। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना वायरस के बारे में जागरूकता फैलाई जाएगी।

31 मार्च तक किसी भी केन्द्र में एक से अधिक कर्मचारी काम नहीं करेगा। इसके अलावा सहायिका एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 31 मार्च तक कार्य दिवसों मंे जारी रोस्टर के अनुसार बारी-बारी से एक कार्य दिवस छोड़कर उपस्थित होना सुनिश्चित करेंगी। सभी सहायिका एवं कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करेंगे कि आरोग्य केन्द्रों पर एक्सपायरी डेट वाली दवाईयां न रखी जाएं साथ ही एंटीबायोटिक दवाओं का भण्डार पर्याप्त मात्रा में बनाए रखा जाए। विदेश या बाहर से घूमकर आया हुआ कोई भी व्यक्ति जिले में पाया जाए तो कार्यकर्ता इसकी सूचना तुरंत परियोजना अधिकारी को उपलब्ध कराएं। कलेक्टर ने बताया कि कोरोना वायरस से उत्पन्न हुई संकट की स्थिति में सभी का सहयोग अत्यंत जरूरी है।

सभी आंगनबाड़ी शासकीय भवनों से संचालित हों

बैठक के दौरान कलेक्टर ने उपस्थित सभी विकासखण्डों के परियोजना अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह अपने ब्लॉक के समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों का सर्वे कराकर किराए के भवनों से संचालित होने वाले केन्द्रों को शासकीय भवनांे में जल्द से जल्द शिफ्ट कराना सुनिश्चित करें और जहां भी केन्द्रों के लिए नए भवनों का निर्माण चल रहा है वहां हर कार्यकर्ता अपनी जिम्मेवारी निभाते हुए नियमित रूप से निर्माण में उपयोग हो रही सामग्री की गुणवत्ता एवं संरचना का पूर्ण निरीक्षण करें।कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देशित किया कि सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 5 से 6 साल की आयु की बच्चों को कार्यकर्ता द्वारा वर्णमाला, गिनती, रंग, फल, आकार आदि की शिक्षा प्रदान की जाए।

ऐसा न करने की स्थिति में कलेक्टर द्वारा कार्यकर्ता के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। इसी के साथ उन्होंने सभी परियोजना अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए कि वह अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा कर यह सुनिश्चित करेंगे कि हर केन्द्र पर एएनसी चैकअप नियमित रूप से कराया जाए। कलेक्टर ने सभी को निर्देशित किया कि जिले के समस्त विकासखण्डों में संस्थागत प्रसव की मात्रा को शत्-प्रतिशत किया जाए। जिन क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव का प्रतिशत कम पाया गया है उन्हें चिन्हित कर वहां पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जाए। जिस ब्लॉक में टीकाकरण प्रतिशत 90 से कम, एएनसी प्रतिशत 80 से कम और संस्थागत प्रसव कम पाया जाएगा, वहां के संबंधित कर्मचारी और अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।

मध्यान्ह भोजन में लाएं नवीनता

कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने बैठक के दौरान परियोजना अधिकारियों को निर्देशित किया कि सांझा चूल्हा एवं मध्यान्ह भोजन के अंतर्गत नाश्ता और खाना दोनों उपलब्ध कराने का प्रावधान है पर कई जगह देखा गया है कि बच्चों को सिर्फ खाना ही दिया जाता है। इसलिए सभी केन्द्रों पर अनिवार्य रूप से नाश्ता एवं खाना दोनों नियमित रूप से उपलब्ध कराया जाए। इसी के साथ जिला स्तरीय समिति मध्यान्ह भोजन के मेन्यू में बच्चों की रूचि अनुसार नवीनता ला सकती है। ऐसा करने से बच्चे स्वस्थ्य और पोषित रहेंगे।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ हिमांशु चन्द्र, महिला एवं बाल विकास अधिकारी संजय जैन, सीएमएचओ विजय पथौरिया एवं समस्त विकासखण्डों के परियोजना अधिकारी उपस्थित थे।

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