केजरीवाल के प्रदूषण रोकने के दावों को खोखला – गोयल

केजरीवाल के प्रदूषण रोकने के दावों को खोखला – गोयल
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नई दिल्ली। दिल्ली भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये दिल्ली भजापा के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री विजय गोयल ने कहा कि केजरीवाल ने पिछले 55 महीनों में प्रदूषण रोकने के लिए कोई काम नहीं किया और अब अपनी कमियों को छुपाने के लिए एक बार फिर आॅड-ईवन लाकर राजनीतिक ड्राम रच रहे हैं, जबकि केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, ऊर्जा और संसाधन संस्थान (टेरी) और पर्यावरण संरक्षण रोकथाम और नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने भी दिल्ली में ऑड-ईवन लागू होने से प्रदूषण स्तर में कमी आने को कारगर उपाय नहीं माना है। केजरीवाल सरकार इसे जिस तरह से लागू कर रही है वह प्रदूषण नियंत्रण करने में कारगर नहीं है। केजरीवाल लुटियन जोन में कम प्रदूषण स्तर को दिखाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं जबकि लुटियन जोन नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के अधिकार क्षेत्र में आती है। केजरीवाल सरकार द्वारा अखबारों में प्रकाशित झूठे आंकड़े दिखाते हुये गोयल ने कहा कि केजरीवाल पीएम-2.5 के स्तर को 115 दिखा रहे हैं जबकि दिल्ली में पीएम-2.5 का स्तर 128 है। केजरीवाल दिल्ली के लुटियन क्षेत्रों का हवाला दे रहे हैं जहां पर प्रदूषण औसतन कम रहता है, जबकि दिल्ली का अधिकांश इलाकों में प्रदूषण स्तर इसके बिलकुल अलग है। केजरीवाल पीएम-10 के स्तर पर कोई बात न करके लोगों में भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने पांच सालों तक दिल्ली की जनता के लिए कुछ नहीं किया और जब उनके जाने की बारी आई तो वह फ्री की दुकान खोलकर बैठ गये, लेकिन अब दिल्ली के लोग केजरीवाल सरकार को फ्री करने वाले हैं। आॅड-ईवन के माध्यम से करोड़ों रूपयों का भ्रष्टाचार किया जाता है और इससे लाभ होने की बजाये दिल्ली को भारी नुक्सान उठाना पड़ता है। पिछली बार ऑड-ईवन लागू होने पर एनजीटी ने दोपहिया वाहनों को छूट न करने की बात कही थी, ऐसी स्थिति में दिल्ली के पास वैकल्पिक संसाधनों का बेहद अभाव है। दिल्ली को 20 हजार बसों की जरूरत है, लेकिन डीटीसी की 3000 बसें ही उपलब्ध हैं और उनमंे से अधिकांश की हालत खस्ता है।

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