क्या म्यूटेशन से वायरस का संक्रमण होगा तेज?

क्या म्यूटेशन से वायरस का संक्रमण होगा तेज?
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कोरोना वायरस को लेकर दिन प्रतिदिन नए-नए शोध और रिपोर्ट सामने आ रही हैं, जो पहले से अलग दावे और खुलासे कर रहे हैं। अब कोरोना वायरस के प्रसार के साथ वैज्ञानिकों ने उसके म्यूटेशन पर जोर देना शुरू कर दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि म्यूटेशन के साथ वायरस के घातक होने की संभावना ज्यादा है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना दूसरे वायरस की तुलना में तेजी से फैल रहा है लेकिन कुछ वैज्ञानिक कह रहे हैं कि इस वायरस में म्यूटेशन नहीं हो रहा है। गुरुवार को आई एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस को लेकर अभी बहुत कुछ होना बाकी है और इस महामारी का आकार हर दिन बदलता जा रहा है। सेल जर्नल में प्रकाशित लोस अलामोस नेशनल लेबोरेटरी के वैज्ञानिक का कहना है कि कोरोना वायरस अभी और घातक हो सकता है। फ्लोरिडा के स्क्रिप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने पाया कि डी614जी म्यूटेशन उस वायरस से अधिक संक्रामक है जिसमें यह कारक नहीं है।

वैज्ञानिकों का कहना था कि वायरस में इस तरह का बदलाव संक्रमण के तेज प्रसार के लिए जरूरी होता है लेकिन पर्याप्त नहीं होता है। वायरस के स्टेन मैं इस बात का कोई भी साक्ष्य नहीं था कि डी614जी लोगों को बीमार बना सकता है।कोरोना संक्रमित मरीजों पर महामारी के अध्ययन के बाद बायोलॉजिस्ट प्रो. बेट कार्बर ने यह दावा किया है कि डी614जी वायरस कई देशों के शहरों में पांव पसार चुका है। उनका कहना है कि वायरस का एक प्रकार अधिक सक्रिय है क्योंकि वह अधिक फिट है।

 

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