गफलतः15 दिन में मिले 5000 मरीज

गफलतः15 दिन में मिले 5000 मरीज
Spread the love

ऑड-ईवन का हवाला देते हुए दिल्ली सरकार जहां केंद्र से अनुमति मांगने की बात कर रही है, दूसरी ओर कोरोना वायरस को लेकर दिल्ली की नीति केंद्र के ही समझ से बाहर है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का मानना है कि कम आंकड़े और कंटेनमेंट जोन नहीं बनाने से कोई भी राज्य खुद को ग्रीन या कोरोना मुक्त मान सकता है, जबकि सच्चाई यह है कि पिछले 15 दिन में दिल्ली में पांच हजार से भी ज्यादा संक्रमित मरीज मिल चुके हैं और एक भी नया कंटेनमेंट जोन नहीं बनाया गया है। हालांकि इसे लेकर जब दिल्ली स्वास्थ्य विभाग की सचिव पद्मिनी सिंगला और महानिदेशक डॉ. नूतन मुंडेजा से संपर्क किया गया तो उन्होंने जवाब नहीं दिया।
दिल्ली में पहला मरीज 2 मार्च को सामने आया था, तब से लेकर 30 अप्रैल तक 3515 संक्रमित मरीज मिलने पर कंटेनमेंट जोन की संख्या भी 100 पार कर गई थी, लेकिन शुक्रवार तक दिल्ली में कंटेनमेंट जोन की संख्या 100 से घटकर 78 पर आ पहुंची है। 1 से लेकर 15 मई के बीच दिल्ली में 22 कंटेनमेंट जोन को कोरोना मुक्त घोषित कर दिया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कंटेनमेंट जोन की योजना पर जब काम शुरू किया गया, तो दिल्ली में यह बेअसर दिखाई दे रहा था, जबकि बाकी राज्यों की तुलना में दिल्ली छोटा राज्य है।

ऐसे में जब दो लॉकडाउन में भी स्थिति नियंत्रण में नहीं आई, तो नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के निदेशक डॉ. सुजीत कुमार सिंह ने उपराज्यपाल अनिल बैजल के साथ बैठक कर नई कंटेनमेंट योजना पर काम करने का सुझाव दिया था, जिसके आधार पर यह तय हुआ कि कोरोना वायरस को लेकर दिल्ली में अब माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए जाएंगे, ताकि समय रहते इसका सर्विलांस किया जा सके और मरीजों की पहचान हो सके, लेकिन फिलहाल दिल्ली में माइक्रो कंटेनमेंट जोन कितने हैं, इसकी जानकारी नहीं है।

2 की मौत, 4 मरीज मिले, फिर भी जांच का इंतजार
प्रताप नगर आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष संजीव सभरवाल ने बताया कि उनके यहां अब तक दो बुजुर्गों की कोरोना वायरस से मौत हो चुकी है, जबकि चार पॉजिटिव मरीज हैं, लेकिन सरकार की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर पर बार-बार संपर्क करने के बाद भी न तो मरीजों के घरवालों और न ही आसपास के लोगों की जांच कराई जा रही है। उनके क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन नहीं बनाया है। उन्होंने यह भी बताया कि शास्त्री नगर के एल ब्लॉक स्थित मोहल्ला क्लीनिक का फार्मासिस्ट भी कोरोना की चपेट में है, लेकिन उसके संपर्क में आने वालों की पहचान अब तक नहीं की गई है।

30 अप्रैल तक की स्थिति
कुल मरीज : 3515
मौत : 59
डिस्चार्ज : 1094
कंटेनमेंट जोन : 100

15 मई की स्थिति
कुल मरीज : 8895
मौत : 123
डिस्चार्ज : 3518
कंटेनमेंट जोन : 78

1 से 15 मई तक की स्थिति
कुल मरीज : 5380
मौत : 64
डिस्चार्ज : 2424
कंटेमेंटन जोन : 22 (घटे)

 

Right Click Disabled!