चीनी कंपनियों के खिलाफ हो रही कई देशों की दूरसंचार कंपनियां

चीनी कंपनियों के खिलाफ हो रही कई देशों की दूरसंचार कंपनियां
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अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने चीन की कंपनियों के साथ कारोबार से इनकार करने वाली दूरसंचार फर्मों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि फ्रांस की ऑरेंज, भारत की जियो और ऑस्ट्रेलिया की टेल्सट्रा ‘साफ-सुथरी’ कंपनियां हैं। इन कंपनियों ने चीन की कंपनियों के साथ कारोबार करने से इनकार किया है। पोम्पिओ ने दावा किया कि चीन की प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी हुवावे के दुनिया की दूरसंचार कंपनियों के साथ करार धीरे-धीरे कम हो रहे हैं।

साफ-सुथरी हो रही कंपनियां 
इस संदर्भ में पोम्पिओ ने कहा कि, ‘दुनिया की प्रमुख दूरसंचार कंपनियां मसलन स्पेन की टेलीफोनिका के अलावा ऑरेंज, ओ2, जियो, बेल कनाडा, टेलस और रॉजर्स तथा कई और अब साफ-सुथरी हो रही हैं। ये कंपनियां चीन की कम्युनिस्ट संरचना से अपने संपर्क तोड़ रही हैं।’

प्रौद्योगिकी चीनी कंपनी के खिलाफ हो रहा माहौल
उन्होंने कहा कि ये कंपनियां निगरानी करने वाले देशों की कंपनियों मसलन हुवावे के साथ अब कारोबार करने से इनकार कर रही हैं। पोम्पिओ ने कहा कि अब माहौल चीन की प्रौद्योगिकी कंपनी के खिलाफ होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर के दूरसंचार ऑपरेटरों के साथ हुवावे के करार समाप्त हो रहे हैं, क्योंकि ये देश अपने 5जी नेटवर्क के लिए भरोसेमंद वेंडर की सेवाएं ही लेना चाहते हैं।

उन्होंने इसके लिए चेक गणराज्य, पोलैंड, स्वीडन, एस्टोनिया, रोमानिया, डेनमार्क का उदाहरण दिया। पोम्पिओ ने कहा कि हाल में यूनान ने भी अपने 5जी ढांचे के विकास का काम हुवावई के बजाय एरिक्सन को देने की सहमति दी है।

 

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