ताजा हुए उत्तर प्रदेश पुलिस और अपराधियों के संबंध

ताजा हुए उत्तर प्रदेश पुलिस और अपराधियों के संबंध
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विकास दुबे के साथ संभावित लिंक होने पर 200 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को जांच के दायरे में रखा गया है। कानपुर के बिकरू गांव में विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम का, अपराधी के साथ झड़प होने पर आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इस कांड के बाद पुलिस विभाग का भ्रष्टाचार ही सामने नहीं आया बल्कि उसकी क्रूरता भी सामने आई है।

पिछले साल उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार पर ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल इंडिया की ओर से किए गए सर्वे के मुताबिक राज्य का पुलिस विभाग सिर्फ सबसे ज्यादा भ्रष्ट ही नहीं है बल्कि साल 2018-19 में भ्रष्टाचार के मामले सबसे ज्यादा बढ़े हैं। वहीं पिछले साल पुलिस की स्थिति पर की गई रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि यूपी की पुलिस अपने वेतन से संतुष्ट नहीं है।रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 68 फीसदी पुलिस वालों का कहना है कि जितना वो काम करते हैं, उसके हिसाब से उन्हें बहुत वेतन मिलता है।विकास दुबे ने राज्य के मंत्री और बीजेपी नेता संतोष शुक्ला की साल 2001 में पुलिस स्टेशन के अंदर घुसकर हत्या कर दी थी। इस कहानी के बाद पुलिस और अपराधियों की साठ-गांठ के बारे में पता चला। कोर्ट में ट्रायल के दौरान सभी प्रत्यक्षदर्शी जो कि पुलिस वाले थे, विरोध के सुर अलापने लगे।

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