दिल्ली के अस्पतालों में बनेंगे प्लाज्मा बैंक

दिल्ली के अस्पतालों में बनेंगे प्लाज्मा बैंक
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नई दिल्ली। देश के पहले प्लाज्मा बैंक के बेहतर परिणाम मिलने के बाद अब बाकी अस्पतालों में भी इसे शुरू करने की योजना है। जानकारी के अनुसार प्लाज्मा बैंक के साथ-साथ सरकार अस्पतालों को इस बात का भी जोर दे रही है कि डिस्चार्ज करते वक्त मरीजों को प्लाज्मा दान के बारे में पर्याप्त जानकारी दी जाए। साथ ही निगेटिव आने के ठीक 14 से 15 दिन बाद उसे फोन कर याद दिलाया जाए कि उसे प्लाज्मा दान करने आना है। ऐसा करने से प्लाज्मा दान को न सिर्फ बढ़ावा मिलेगा, बल्कि कोरोना के गंभीर मरीजों को बचाया भी जा सकता है। हालांकि कोरोना के उपचार में प्लाज्मा थेरेपी अभी परीक्षण के चरण में है। वैज्ञानिक स्तर पर यह साबित नहीं हो पाया है कि प्लाज्मा देने से मरीज स्वस्थ हो सकता है। आईसीएमआर की निगरानी में देश के कई अस्पतालों में इस पर परीक्षण चल रहा है।

कोरोना वायरस को हराने के बाद वापस चिकित्सीय सेवाओं में लौटे आरएमएल अस्पताल के डीन डॉ. राजीव सूद का कहना है कि जल्द ही आरएमएल में भी प्लाज्मा थेरेपी शुरू किया जाएगा। इसकी अनुमति संस्थान को मिल चुकी है। प्लाज्मा दान की व्यवस्था भी पहले से अस्पताल में मौजूद है। इसे और बढ़ावा देने के लिए नई योजना पर काम शुरू होगा। वहीं, पूर्वी दिल्ली के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जीटीबी में भी प्लाज्मा थेरेपी और बैंक दोनों पर काम शुरू हो चुका है। यहां प्लाज्मा दान करने के बाद कोविड मरीजों में इसका इस्तेमाल हो सकेगा।

 

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