दिल्ली पुलिस का हलफनामा

दिल्ली पुलिस का हलफनामा
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दिसंबर, 2019 में नागरिकता संशोधन बिल (कैब) लाए जाने के बाद दिसंबर में ही दिल्ली दंगों की पटकथा लिख ली गई थी। दिल्ली दंगों की साजिश बड़े पैमाने पर रची गई थी। ये साजिश 13 से 15 दिसंबर को जामिया नगर इलाके में हुए दंगों के साथ रची गई थी। इस साजिश में जामिया मिलिया के छात्रों के काफी ग्रुप व स्थानीय ग्रुपों को मिलाकर एक ग्रुप बनाया गया था जिसमें कई नेता भी शामिल हो गए थे।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कोर्ट में दाखिल किए हलफनामे में ये बातें कही हैं। दिल्ली पुलिस ने मामले में आरोप पत्र दाखिल करने के लिए कोर्ट से 17 सितंबर, 2020 तक समय मांगा है। स्पेशल सेल दिल्ली दंगों की साजिश की जांच कर रही है। दंगों की साजिश करने वाले काफी आरोपियों को स्पेशल सेल गिरफ्तार हो चुकी है। स्पेशल सेल ने कोर्ट में कहा है कि दिल्ली दंगों की साजिश बहुत बड़े पैमाने पर रची गई थी। सीएए के विरोध में राजधानी में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। इन प्रदर्शन स्थलों पर माहौल खराब करने के लिए बड़े नेताओं व एक समुदाय के बुद्धिजीवियों को बुलाया गया था। इन लोगों ने देश व भारत सरकार के खिलाफ ऐसे नारे दिए कि दंगों जैसा माहौल पैदा हो गया।

खुरेजी प्रदर्शन स्थल की इस ग्रुप के लोगों ने कमान संभाली थी। ये बात एक जनवरी, 2020 की है। खुरेजी से ही दंगों की शुरूआत हुई थी। खुरेजी से दंगों के दूसरे चरण की 23 फरवरी को उस समय शुरूआत हुई थी जब लोग वहां से मेन पटपड़गंज रोड पर चक्का जाम करने पहुंच गए। इस चक्काजाम के बाद 26 फरवरी को खुरेजी व जगतपुरी में दंगे शुरू हो गए थे।
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