नेपाल में ओली से अपनी ही पार्टी ने मांगा इस्तीफा

नेपाल में ओली से अपनी ही पार्टी ने मांगा इस्तीफा
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भारत के साथ सीमा विवाद के बीच नेपाल की सत्तारूढ़ पार्टी में दो फाड़ हो गई है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से उनकी ही पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ व कुछ अन्य नेताओं ने इस्तीफे की मांग की है। पूर्व पीएम प्रचंड ने बृहस्पतिवार को कहा कि ओली सरकार हर मोर्चे पर विफल रही, जनता की उम्मीदें बुरी तरह टूटी हैं। ऐसे में केपी शर्मा ओली को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। हालांकि ओली ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया।

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी की स्थायी समिति की बैठक में प्रचंड ने ओली के इनकार के बाद पार्टी को तोड़ने की भी धमकी दी है। दो बार प्रधानमंत्री रहे प्रचंड ने कहा, सरकार और पार्टी के हित के लिए उन्होंने चक्रिय प्रणाली के तहत खुद प्रधानमंत्री न बनकर ओली को मौका दिया था। लेकिन ये शायद उनकी सबसे बड़ी गलती थी। प्रचंड को ओली के खिलाफ पार्टी के अंदर भी सहयोग मिला है। पार्टी के दो पूर्व पीएम समेत कई सांसदों ने विरोधी सुर दिखाते हुए ओली के इस्तीफे की मांग की है। गौरतलब है कि नेपाल ने पिछले हफ्ते अपने नए नक्शे को पास किया है। इसमें रणनीतिक रूप से भारत के तीन इलाकों को नेपाल का हिस्सा बताया गया है। इससे दोनों देशों के बीच रिश्तों में तनाव आया है। भारत ने नेपाल के नए नक्शे को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधूरा भारत के अभिन्न अंग हैं। हालांकि नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने दोनों सदनों से पास हो चुके दूसरे संविधान संशोधन विधेयक को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी।

 

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