बातचीत से पहले कांग्रेस के बागी विधायकों को भाजपा से दोस्ती तोड़नी होगी

बातचीत से पहले कांग्रेस के बागी विधायकों को भाजपा से दोस्ती तोड़नी होगी
Spread the love

राजस्थान की राजनीति में सियासी उठापटक अभी भी जारी है। इस विवाद को जारी रहते हुए 26 दिन हो गए हैं लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला है। ऐसी जानकारी मिली कि कांग्रेस के बागी विधायकों ने आलाकमन को संदेश भेजा है कि अगर राज्य में किसी तीसरे चेहरे की सीएम के तौर पर वापसी होती है तो वो पार्टी में लौट आएंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बागी विधायकों ने कहा कि वो राज्य में अब ना सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं और ना ही अशोक गहलोत को। ऐसे में आलाकमान राज्य के लिए किसी तीसरे का नाम दे दें तो पार्टी में वापसी की जा सकती है। हालांकि कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि कांग्रेस विधायकों को वापसी के लिए बातचीत से पहले भाजपा से दोस्ती तोड़नी होगी और उसकी मेजबानी छोड़कर घर लौटना होगा।

राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व से नाराज होकर बागी हुए सचिन पायलट सहित 19 कांग्रेस विधायकों की वापसी की संभावना के सवाल पर सुरजेवाला ने कहा, ‘सबसे पहले बागी विधायक वार्तालाप करें और उसको करने के लिए पहली शर्त है कि भाजपा की मेजबानी छोड़ें। मनोहर लाल खट्टर की अगुवाई वाली हरियाणा की भाजपा सरकार का सुरक्षा चक्र छोड़ें।’
सुरजेवाला ने कहा, ‘हरियाणा में आए दिन बच्चों की हत्याएं हो रही है, सामूहिक दुष्कर्म हो रहे हैं, गुड़गांव में लोगों को सरेराह पीटा जा रहा है और इसके लिए पुलिस उपलब्ध नहीं लेकिन इन 19 विधायकों की सुरक्षा के लिए एक हजार के करीब पुलिस कर्मी लगाए गए हैं। कांग्रेस के नाराज विधायकों को भाजपा जो सुरक्षा दे रही है उसके क्या मायने हैं।’

सुरजेवाला ने कहा, ‘…इसलिए बागी विधायक पहले भाजपा की आवभगत छोड़ें ..पहले भाजपा से मित्रता तोड़ें, पहले भाजपा का साथ छोड़ें, उसकी मेहमाननवाजी छोड़ें, पहले भाजपा का सुरक्षा चक्र तोड़े अपने घर वापसी करें तब वार्तालाप होगा।’  गौरतलब है कि कांग्रेस और उसके समर्थक विधायक जैसलमेर के एक निजी होटल में रुके हुए हैं। जबकि सचिन पायलट की अगुवाई में 19 बागी विधायकों के हरियाणा के होटल में रुके होने के समाचार हैं। राज्य विधानसभा का सत्र 14 अगस्त से शुरू होगा।

 

Right Click Disabled!