बिम्सटेक सम्मेलन: दुनिया में 27 करोड़ लोग नशे के शिकार, यह चिंता की बात- शाह

बिम्सटेक सम्मेलन: दुनिया में 27 करोड़ लोग नशे के शिकार, यह चिंता की बात- शाह
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नई दिल्ही

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा गुरुवार को बिम्सटेक देशों के लिए नारकोटिक्स ड्रग्स जैसे संवेदनशील विषय पर दिल्ली में दो दिन का सम्मेलन आयोजित किया गया है। इन दो दिनों में इन विषयों से सबंधित सभी पहलुओं पर आप सभी के बीच विचार विमर्श होगा और कुछ निर्णय भी लिए जाएंगे।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं आज आप सबको आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम दुनिया में कहीं से भी भारत में मादक पदार्थों को आने नहीं देंगे और भारत से कहीं जाने भी नहीं देंगे। पूरी दुनिया में मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए हम कृत संकल्पित हैं।

बिम्सटेक सम्मेलन में ‘नशे की तस्करी से मुकाबला’ पर बोलते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की वर्ल्ड ड्रग रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में 15-64 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 4.5 फीसदी लोग नशे का इस्तेमाल करते हैं। दुनिया भर में 27 करोड़ लोग नशे का उपयोग करते हैं।

यह चिंता की बात है कि यह आंकड़ा बढ़ रहा है। शाह ने कहा कि भारत ने मादक पदार्थों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। हमने देश में नारकोटिक्स कंट्रोल के प्रति सख्ती के लिए कई कदम उठाए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यूएन और इंटरपोल के साथ भी अनेक कदम उठाए हैं। बिम्सटेक कॉन्फ्रेंस के साथ इस दिशा में ये एक नया कदम है।

पिछले पांच वर्षों में भारत में एक लाख 89 हजार से अधिक नशीले पदार्थों के मामले दर्ज हुए हैं, जिसमें दो लाख 31 हजार 481 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें ड्रग तस्करी में शामिल 1,503 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। भारत सरकार ने नशीले पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी को रोकने हेतु अंतराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय स्थापित किया है।

पिछले पांच वर्षों में भारत ने बांग्लादेश, श्रीलंका, इंडोनेशिया, सिंगापुर, म्यांमार और रूस के साथ नियमित द्विपक्षीय वार्ताओं को भी आयोजित किया है।अब तक हमने जिस नीति या सोच के साथ मादक पदार्थों का सामना किया है, अब इस नई परिस्तिथि में वो नीतियां सफल हो पाएंगी, ये जरूरी नहीं है। हम सबको मिलकर कुछ ऐसे नए विचार करने पड़ेंगे, जिससे हम इस परिस्थिति से निपट सकें।

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