मुद्रा योजना के तहत इस श्रेणी को ब्याज में मिलेगी दो फीसदी की छूट

मुद्रा योजना के तहत इस श्रेणी को ब्याज में मिलेगी दो फीसदी की छूट
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सरकार ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत शिशु कर्ज श्रेणी के अंतर्गत आने वाले छोटी राशि का कर्ज ले रखे कर्जदाताओं को दो फीसदी  ब्याज सहायता देने को मंजूरी दी है। छोटे कारोबारियों को कोरोना वायरस महामारी और उसके बाद उसकी रोकथाम के लिए लॉकडाउन से हुई समस्या से पार पाने में मदद के लिए यह कदम उठाया गया है।

इतना पड़ेगा सरकारी खजाने पर बोझ
शिशु श्रेणी के अंतर्गत लाभार्थियों को 50,000 रुपये तक कर्ज बिना किसी गारंटी के दिया जाता है। सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि दो फीसदी ब्याज सहायता से सरकारी खजाने पर करीब 1,542 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।

मार्च 2020 तक थे 9.37 करोड़ खाते
आगे उन्होंने कहा कि, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत सभी शिशु कर्ज खातों पर 12 महीने के लिए दो फीसदी ब्याज सहायता देने को मंजूरी दी गई।’ पीएमएमवाई के अंतर्गत शिशु श्रेणी के तहत मार्च 2020 के अंत तक करीब 9.37 करोड़ कर्ज खाते थे। इन खातों पर कर्ज के रूप में करीब 1.62 लाख करोड़ रुपये बकाए थे।


एनपीए के मामले में नहीं मिलेगा लाभ
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार योजना का लाभ 31 मार्च 2020 तक बकाए कर्ज पर मिलेगा। यह लाभ गैर-निष्पादित परंसपत्ति (एनपीए) के मामले में नहीं मिलेगा। इसमें कहा गया है, ‘ब्याज सहायता उन महीनों के लिए मिलेगी जब खाता एनपीए नहीं बना। एनपीए बनने के बाद अगर खाता फिर से निष्पादित परंसिपत्ति बनी है तो उसे संबंधित महीने का लाभ मिलेगा।’

आठ अप्रैल 2015 को की थी शुरुआत 
बयान के अनुसार इस कदम से उन लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा जो नियमित तौर पर कर्ज लौटाते हैं। एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम) से संबंधित इस योजना की घोषणा आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत की गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ अप्रैल 2015 को पीएमएमवाई की शुरुआत की थी।

10 लाख रुपये तक का मिलता है कर्ज
इसके तहत 10 लाख रुपये तक का कर्ज लघु एवं सूक्ष्म उद्यमों को दिया जाता है। मुद्रा कर्ज के नाम से चर्चित यह ऋण वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, छोटी राशि के कर्ज कर्ज देने वाले संस्थान (एमएफआई) और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां देती हैं। योजना का क्रियान्वयन भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) करेगा और यह 12 महीने के लिए लागू होगा।

 

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