लॉकडाउन में घर पर तरकीब से बच्चे को दिया जन्म

लॉकडाउन में घर पर तरकीब से बच्चे को दिया जन्म
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किसी भी महिला के लिए मां बनना उसके जीवन का सबसे हसीन पल होता है। इस हसीन लम्हे के लिए वह पूरे नौ महीने तक शिद्दत से इंतजार करती है। मां बनने के बाद औरत को एक तरह से दूसरी जिंदगी मिलती है। लेकिन कोरोना वायरस ने इस पल को भी प्रभावित किया है। ब्रिटेन के चेशायर काउंटी थॉर्टन-ली-मूरे क्षेत्र में एक अनोखा मामला सामने आया है।

लॉकडाउन ने यहां के लोगों के जीवन पर गहरा असर डाला है। इन्हीं में से एक है 34 वर्षीय एम्मा फियरन। जो हाल ही में तीसरी बार मां बनी है। इस बात से सभी वाकिफ हैं कि डिलीवरी के वक्त एक महिला को इतना दर्द होता है इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता। लेकिन एमा ने यह साबित कर दिया कि मां से बड़ा कोई योद्धा कोई नहीं होता। दरअसल, एक घर में ही खुद अपने बेटे को जन्म दिया और वह भी बिना किसी डॉक्टर की मदद के। हैरानी की बात यह है कि मां ने डिलीवरी के लिए अनोखी तरकीब अपनाई जिसके लिए शायद ही कोई और हिम्मत करे। डिलीवरी जब करीब आई तो उस वक्त लॉकडाउन था इस कारण वह अस्पताल जाने में असमर्थ थी उन्हें कुछ सूझ नहीं रहा था।फिर उन्होंने घर पर खुद ही डिलीवरी करने का मन बनाया। इसके लिए एमा घर में मौजूद कुछ सामान का सहारा लिया। उन्होंने दर्द कम करने के लिए ‘हिप्नोबर्थिंग तकनीक’ को इस्तेमाल करते हुए गैस और हवा का कश लिया जिससे उन्हें दर्द कम हो। एमा की डिलीवरी में दिक्कत इसलिए भी आ रही थी क्योंकि उनका बेटा एटिकस जेम्स का वजन पांच किलोग्राम था। लेकिन एमा ने हिम्मत नहीं हारी और ढाई घंटे तक वह बच्चे को बाहर आने के लिए लगातार पुश करती रहीं। उनकी मेहनत रंग लाई और एटिकस का जन्म हुआ। हैरानी की बात तो यह रही कि इसके बाद एमा को टांके लगाने की भी नौबत नहीं आई।

 

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