श्रेयस एवं आभास जोशी के म्यूजिकल एलबम अम्मा की शूटिंग पूर्ण

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जबलपुर

मदर्स डे पर रिलीज होगा एलबम – मृगांक उपाध्याय

बालभवन के बाल कलाकार एवं वसंत  काशीकर द्वारा संचालित एवं निर्देशित जिज्ञासा थियेटर ग्रुप की श्रीमती ज्योति आप्टे, आभास जोशी के एलबम में नजर आएंगे। मदर्स डे पर मई के पहले हफ्ते में रिलीज होगा वीडियो यूट्यूब के चैनल Indie Routes की फिल्म जायका से मशहूर हुईं थीं आभास जोशी की दादी श्रीमती पुष्पा जोशी जिन्होंने रेड फिल्म में दादी का किरदार अदा किया है। इस यूट्यूब फिल्म के निर्माण निर्देशन और सिनेमैटोग्राफी में उनकी बहू श्रीमती हर्षिता जोशी की भूमिका रही। पटकथा श्री रविंद्र जोशी ने लिखी थी।

जबलपुर मूल के जोशी परिवार की इस बहु ने एक गीत का वीडियो जबलपुर में ही विगत दिनों ग्राम बरेला के पास सूट किया। वीडियो में मां की भूमिका में श्रीमती ज्योति आप्टे नज़र आएंगी जबकि पुत्र की भूमिका में बाल भवन के मास्टर मृगांक उपाध्याय दिखेंगे। मास्टर मृगांक उपाध्याय बाल भवन से तबला सीख रहे हैं। मृगांक बहुत ही शर्मीले स्वभाव का बालक है किंतु बाल कलाकार की अभिनय की क्षमता का मूल्यांकन करते हुए संचालक बाल भवन गिरीश बिल्लोरे द्वारा अन्य बच्चों के अलावा मृगांक को भी फिल्म में अभिनय करने का सुझाव दिया। बहुत ना नुकुर के बाद बच्चे ने अभिनय करना स्वीकारा।

वीडियो एल्बम के गीत का लेखन रविंद्र जोशी, निर्माण एवं निर्देशन श्रीमती हर्षिता जोशी ने किया। गीत एल्बम में स्वर एवं संगीत श्रेयस जोशी एवं आभास जोशी का है। हरि नाथ गोविंदन विष्णु ने सिनेमेटोग्राफी की है। बरेला निवासी ड्रीम एचीवर कोचिंग के संचालक प्रशांत कुमार काछी और काछी परिवार का विशेष योगदान रहा। गिरीश बिल्लोरे मुकुल ने कहा कि- फिल्म सिटी के निर्माण के पूर्व हमें छोटे-छोटे प्रयास करते रहना होगा, ताकि हम निर्माताओं एवम निर्देशकों को आकृष्ट कर सकें।

जबलपुर जिले में ही नहीं बल्कि जबलपुर संभाग एवं महाकौशल क्षेत्र में लोकेशन एवं कलाकारों की उपलब्धता के कारण फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं हैं। और तब जबकि राज्य सरकार, जिला प्रशासन फिल्म सिटी बनाने के लिए कृत संकल्पित है तो हमें अपने संवाद उदाहरण के साथ निर्माताओं और निर्देशकों तक पहुंचाना चाहिए। इसी दिशा में हमारी यह कोशिश है कि हम अपनी ओर से जितना सहयोग कर सकते हैं अवश्य प्रदान करें ताकि प्रोडक्शन यूनिटस् को हम विश्वास दिला सके कि जबलपुर में काम करना कठिन नहीं है।
ज्ञात हो कि बालभवन जबलपुर से अब तक लगभग 25 से अधिक बच्चे विभिन्न नाट्य संस्थाओं के सहयोग से रंगमंच तथा विकास पांडे की सौजन्य से फिल्मों तथा टीवी सीरियल्स में काम कर चुके हैं।

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