काम न करनेवाले अधिकारियो को बाहर का रास्ता दिखने की गडकरी ने दी चेतावनी

काम न करनेवाले अधिकारियो को बाहर का रास्ता दिखने की गडकरी ने दी चेतावनी
Spread the love

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अपने मंत्रालय में काम न करने वाले और उसमें बाधक बने अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाने की चेतावनी दी है। गडकरी ने कहा है कि ऐसे अधिकारी जो फाइलें दबाकर बैठे रहते हैं और न तो खुद कोई फैसला करते है और न दूसरों को करने देते हैं उन्हें बाहर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लालफीताशाही हरगिज बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गडकरी  यहां सड़क सुरक्षा से जुड़े संगठनों की बैठक में स्पष्ट कहा कि धैर्य की सीमा होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी जो समय पर निर्णय न कर सड़क सुरक्षा से समझौता करते हैं या जो विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में गड़बड़ी या गलत सड़क इंजीनियरिंग के लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत ऐसा देश है जहां आतंकवाद या नस्लवाद की वारदात से ज्यादा लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं। उन्होंने इस परिदृश्य को दुर्भाग्यूपर्ण और दर्दनाक करार दिया। गडकरी ने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के तमाम प्रयासों के बावजूद भारत इस मामले में दुनिया में पहले नंबर पर है। यहां सड़क हादसों में मारे जाने वाले व्यक्तियों में 65 प्रतिशत 18 से 35 साल के बीच के होते हैं। नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार में कम न करने वाले, बेकार पड़े निखट्टू अधिकारियों को बारह किया जाएगा। किसी तरह की हिचकिचाहट नहीं होगी। ऐसे अधिकारियों में संवेदना नहीं होती और उनमें निर्णय लेने की योग्ता नहीं होती। वे गलत डीपीआर तैयार करते हैं और बरसों तक फाइल दबाकर बैठते हैं। वे न तो खुद कोई फैसला करते हैं और न ही दूसरों को करने देते हैं। किसी के धैर्य की सीमा होती है।

Right Click Disabled!