इस परीक्षा के दौरान बादाम खायें और स्वस्थ रहें !

इस परीक्षा के दौरान बादाम खायें और स्वस्थ रहें !
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फरवरी के आते ही भारत के अधिकांश परिवार परीक्षाओं की चिंता में डूब जाते हैं। फिर चाहे बेटा, बेटी, भतीजा या भतीजी,जो कोई भी स्कूल की या 10वीं या 12वीं बोर्ड की अंतिम परीक्षा दे रहा/रही हो, इस महीने अधिकांश परिवार परीक्षाओं पर ही केन्द्रित रहते हैं।

परीक्षा के मौसम में बच्चों का ध्यान अपने स्वास्थ्य और तंदुरूस्ती से हटना स्वाभाविक है, वे केवल तैयारी में जुटे रहते हैं। परीक्षाओं की तैयारियों के दबाव के बीच, पर्याप्त नींद लेना, नियमित ब्रेक्‍स लेना और सब-कुछ करते हुए स्वास्थ्य को बनाये रखना महत्वपूर्ण होता है। सही समय पर भोजन मिलने, स्नैक के लिये निर्धारित अंतराल रखने और आहार विकल्पों के प्रति सचेत रहने से शरीर परीक्षा देने के दौरान ऊर्जावान रह सकता है।

 परीक्षा के मौसम में स्‍टुडेंट्स को स्वस्थ रखने के लिये एक अच्छा आहार है बादाम! तैयारी के समय बादाम को स्नैक के रूप में लेने से स्‍टुडेंट्स के जीवन में स्वास्थ्यकर बदलाव हो सकता है। आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा कहती है कि बादाम खाने से मस्तिष्क, तंत्रिका ऊत्तक पोषित होते हैं और बौद्धिक क्षमता बढ़ती है, जो परीक्षा के समय उपयोगी हो सकता है।

 जानी-मानी बॉलीवुड अभिनेत्री सोहा अली खान ने कहा, ‘‘परीक्षा का समय स्‍टुडेंट्स के लिये तनाव से भरा हो सकता है और शांत दिमाग तथा योजनाबद्ध तरीके के साथ परीक्षा देना अच्छा रहता है। मुझे याद है कि स्कूल के दिनों में मेरी माँ इस बात का ख्‍याल रखती थी कि तैयारी के अवकाश के समय भोजन और स्नैक की मेरी दिनचर्या व्यवस्थित हो, ताकि मैं दिनभर तरोताजा रहूं। इसके अलावा वे यह भी सुनिश्चित करती थीं कि मेरी पढ़ाई की टेबल पर एक कटोरी बादाम रखे हों, ताकि घंटों पढ़ाई करने के बाद भूख या थकान का अनुभव करने पर मुझे स्वास्थ्यकर स्नैक मिल पाये।’’

 फिटनेस के शौकीन और सुपरमॉडल मिलिंद सोमन ने कहा, ‘‘परीक्षा के मौसम में आमतौर पर स्‍टुडेंट्स अपने स्वास्थ्य और तंदुरूस्ती पर ध्यान नहीं देते हैं। इसके साथ ही व्यायाम का स्थायी निर्धारण भी कठिन होता है, इसलिये वे पढ़ाई के बीच अंतराल रखकर तंदुरूस्ती बनाये रखते हैं, यह अंतराल आधे घंटे या अधिक का हो सकता है। घर के आस-पास पैदल चलना या पढ़ते हुए पैदल चलना जरूरी है, ताकि स्‍टुडेंट्स सक्रिय रहें। स्वास्थ्यकर आहार और स्नैक, जैसे बादाम खाना भी एक महत्वपूर्ण कदम है, जो परीक्षा के दौरान रूटीन को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है, साथ ही उनका वजन भी सही बनाये रखता है।’’

 रितिका समद्दर, रीजनल हेड-डाइटेटिक्‍स, मैक्‍स  हेल्‍थकेयर-दिल्‍ली ने कहा, “मैं हमेशा चिंतित माता-पिता से मिलती हूं जोकि अपने बच्‍चों के लिए खासतौर से परीक्षाओं के दौरान डाइट की सलाह लेने आते हैं। मैं उन्‍हें हमेशा बादाम जैसे नट्स रखने की सलाह देती हूं क्‍योंकि इनसे उर्जा मिलती है और यह बेहतर ध्‍यान में मदद करते हैं। बादाम खाने से बच्‍चे का वजन भी नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। यूरोपीयन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्‍यूट्रीशन में प्रकाशित हाल के अध्‍ययन में, जिन प्रतिभागियों ने रोज 43 ग्राम सूखे, भुने हुए, हलके नमकीन बादाम खाये, उन्‍हें कम भूख लगी और शरीर का वजन बढ़े बिना उनके डाइटरी विटामिन ई और मोनोसैचुरेटेड (“गुड”) फैट के सेवन में भी सुधार हुआ।”

माधुरी रुइया, पाइलेट्स एक्‍सपर्ट एवं डाइट एवं न्‍यूट्रीशन कंसल्‍टेंट ने कहा, “परीक्षा की तैयारी करने वाले किसी भी स्‍टुडेंट के लिए पूरे दिन एनर्जी की स्‍थायी सप्‍लाई बरकरार रखना महत्‍वपूर्ण है ताकि वे अपने एकाग्रता को बनाए रख सके। रोज बादाम खाने से आप उर्जावान बने रहते हैं और मैं निश्चित तौर पर स्‍टुडेंट्स को अपने पास एक छोटे टिफिन या बॉक्‍स में एक मुट्ठी कच्‍चे, भुने हुए या मसालेदार बादाम रखने की सलाह देती हूं ताकि परीक्षा की तैयारी के दौरान वे उसे खा सकें।

न्‍यूट्रीशन एंड वेलनेस कंसल्‍टेंट शीला कृष्णास्वामी ने कहा, ‘‘परीक्षा के दौरान बच्‍चे भोजन के बीच भूख का अनुभव कर सकते हैं और ऐसे समय में वे संपूर्ण आहार नहीं लेते हैं। परीक्षा के समय अस्वास्थ्यकर भोजन लेने से बचाने के लिये बच्‍चों के माता-पिता और टीचर्स भोजन के बीच स्नैक ब्रेक्‍स रख सकते हैं। इन ब्रेक्‍स में बादाम एक बेहतरीन स्नैक है, क्योंकि उन्हें खाना सरल है और वे किसी भी भारतीय मसाले के साथ स्वाद देते हैं। इसके अलावा बादाम पूर्णता का अनुभव देते हैं, ताकि बच्चे को भोजन के बीच भूख न लगे और वह अस्वास्थ्यकर आहार लेने से बचे।’’

तो सही योजना बनाइये और परीक्षा की तैयारी स्वस्थ रहते हुए कीजिये- बादाम के साथ।

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