बुंदेसलीगा से लौटी फुटबॉल की रौनक

बुंदेसलीगा से लौटी फुटबॉल की रौनक

स्टेडियम आम मैचों की तरह दर्शकों से नहीं भरा था। सिर्फ खिलाड़ियों के चिल्लाने और रेफरी की सीटी की आवाज ही गूंज रही थी। बावजूद इसके जर्मन फुटबॉल लीग की शनिवार से खाली स्टेडियम में वापसी महत्वपूर्ण बन गई। कोरोना वायरस महामारी के बाद बहाल होने वाली यह पहली यूरोपीय लीग है। इंग्लैंड, इटली और स्पेन में अभी भी लीग फुटबॉल शुरू होने में एक महीना लगेगा। बुंदेसलीगा के पहले मैच में ‘बोरूसिया डार्टमंड’ का सामना स्थानीय प्रतिद्वंद्वी ‘शाल्के 04’ से हुआ। इस मुकाबले में सामान्य तौर पर 82,000 के करीब दर्शक आते लेकिन इस बार निर्देश थे कि दोनों टीमों के खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ, मीडियाकर्मी व अन्य अधिकारियों को मिलाकर 322 से ज्यादा लोग नहीं होने चाहिए।

गोल मनाने का जश्न भी अलग :  
लीग के दौरान स्थानापन्न खिलाड़ी मास्क पहने नजर आए। गोल का जश्न कोहनी टकराकर मनाया गया। ना तो खिलाड़ियों ने हाथ मिलाया और ना ही कोई आपस में गले मिला। जो खिलाड़ी मैच में खेले वह पिछले हफ्ते क्वारंटीन में रहे थे। सभी क्लबों के खिलाड़ियों की कोविड-19 टेस्ट हुए हैं। खिलाड़ी और टीम स्टाफ सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए कई बसों में आए थे। निर्देशों के बाद अब ना तो किसी टीम को घर में खेलने का फायदा मिलेगा और ना मेहमान टीम घाटे में रहेगी।

 

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