दर्शकों के साथ होंगे मैच, 30-50 प्रतिशत स्टेडियम भरना चाहता है UAE क्रिकेट बोर्ड

दर्शकों के साथ होंगे मैच, 30-50 प्रतिशत स्टेडियम भरना चाहता है UAE क्रिकेट बोर्ड
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एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड के सचिव मुबाशशिर उस्मानी ने शुक्रवार को कहा कि अगर सरकार मंजूरी देती है तो वे संयुक्त अरब अमीरात में होने वाली इंडियन प्रीमियर लीग में स्टेडियमों को 30 से 50 प्रतिशत तक दर्शकों से भरना चाहेंगे। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की तारीखों की घोषणा करते हुए इसके अध्यक्ष ब्रजेश पटेल ने पीटीआई से कहा था कि 19 सितंबर से आठ नवंबर तक होने वाले टी-20 टूर्नामेंट के दौरान दर्शकों को मैदान में जाने की अनुमति देने का फैसला संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सरकार द्वारा लिया जाएगा।

भारत सरकार से हरी झंडी का इंतजार
तारीखों की घोषणा करने के बावजूद भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) भी यूएई में आईपीएल कराने को लेकर भारत सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। उम्मानी ने फोन पर कहा, ‘एक बार हमें बीसीसीआई से (भारत सरकार की मंजूरी के बारे में) पुष्टि हो जाए तो हम अपनी सरकार के पास पूर्ण प्रस्ताव और मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) के साथ जाएंगे जो हमारे और बीसीसीआई द्वारा तैयार किया गया होगा। हम निश्चित रूप से हमारे लोगों को इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का अनुभव कराना चाहेंगे, लेकिन यह पूरी तरह से सरकार का फैसला होगा। यहां ज्यादातर टूर्नामेंट में दर्शकों की संख्या 30 से 50 प्रतिशत तक होती है, हम इसी संख्या की उम्मीद कर रहे हैं।’

रग्बी टूर्नामेंट रद्द, लेकिन IPL होगा
उस्मानी ने कहा, ‘हमें इस पर अपनी सरकार की मंजूरी की उम्मीद है।’ यूएई में कोविड-19 के 6000 से ज्यादा सक्रिय मामले हैं और वहां महामारी पर स्थिति लगभग नियंत्रित ही है। हालांकि नवंबर में होने वाले 2020 दुबई रग्बी सेवंस टूर्नामेंट को कोरोना वायरस के खतरे के कारण 1970 के बाद पहली बार रद्द कर दिया गया है, उन्होंने आईपीएल की सुरक्षा को लेकर हो रही चिंताओं के बारे में कहा, ‘यूएई सरकार संक्रमितों की संख्या को कम करने में काफी कारगर रही है। हम कुछ नियम और प्रोटोकॉल का पालन करके सामान्य जीवन जी रहे हैं।’ उस्मानी ने कहा, ‘और आईपीएल में तो अभी थोड़ा समय है, हम निश्चित रूप से इससे बेहतर स्थिति में होंगे।’

मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता हेल्पलाइन पर चर्चा
बीसीसीआई कोविड-19 महामारी के कारण खिलाड़ियों और सहयोगी सदस्यों के लिए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता हेल्पलाइन पर चर्चा कर रहा, जिसमें जैव-सुरक्षित माहौल में कई सप्ताह तक रहने से जुड़ी चुनौतियों के बारे में बताया जाएगा। हेल्पलाइन नंबर शुरू करने पर अगर बात बनती है तो बोर्ड इसे 19 सितंबर से यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) में शुरू होने वाले 13वें सत्र के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का हिस्सा बना सकता है। अगर जरूरत पड़ी तो ऐसी हेल्पलाइन उन्हें (खिलाड़ी, सहयोगी सदस्य) तनाव और चिंता से बेहतर तरीके से निपटने में मदद कर सकती हैं। बीसीसीआई रविवार को संचालन समिति की बैठक के बाद सभी आठ फ्रेंचाइजी के लिए एक व्यापक एसओपी जारी करने के लिए तैयार है, जहां अंतिम कार्यक्रम पर मुहर लगेगी। कुछ फ्रेंचाइजी द्वारा लंबे समय तक परिवारों से दूर रहने के दबाव के बारे में यह सवाल उठाया गया है।

कोविड-19 जांच को लेकर स्थिति साफ नहीं
कोरोना वायरस की जांच को लेकर हालांकि अभी तक स्थिति साफ नहीं है। उम्मीद है कि ज्यादातर टीमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई अपने खिलाड़ियों की जांच करवाएगी जहां से वे यूएई के लिए उड़ान भरेंगे। एक फ्रेंचाइजी ने बताया कि वह खिलाड़ियों की जांच के लिए चिकित्साकर्मियों को उनके घर भेजने की योजना बना रहा है। बीसीसीआई के एक अन्य सूत्र ने कहा, ‘मुंबई जैसे कुछ शहरों में खिलाड़ियों को व्यक्तिगत परीक्षण करने जाने पर खतरे का सामना करना पड़ सकता है इसलिए एक फ्रेंचाइजी ने फैसला किया है कि खिलाड़ी के गृह शहर में ही जांच करवाने के बाद जहां से दुबई प्रस्थान करना है वहां बुलाया जाए’। मीडिया कवरेज को लेकर अभी कोई स्पष्टता नहीं है। खिलाड़ी चार्टर्ड फ्लाइट से यात्रा करेंगे, लेकिन फिलहाल मीडिया के लिए कोई योजना नहीं है। जब तक भारत से विदेशों के लिए वाणिज्यिक उड़ान शुरू नहीं होती तब तक इसकी संभावना कम है कि वहां मीडिया की पहुंच होगी।’

 

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