घटिया क्वालिटी का है पतंजलि का सरसों तेल

घटिया क्वालिटी का है पतंजलि का सरसों तेल
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योग गुरु स्वामी रामदेव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले एलोपैथिक पद्धति को लेकर बाबा रामदेव और आइएमए के बीच जमकर विवाद चला और अब एक और मुसीबत आ खड़ी हुई है। राजस्थान सरकार ने बाबा रामदेव की पतंजलि कंपनी द्वारा बनाए गए सरसों तेल को घटिया गुणवत्ता करार दिया है। पतंजलि के नाम पर मिलावटी सरसों तेल सप्लाई करने के आरोप में बुधवार को अलवर जिला प्रशासन ने खैरथल के औधोगिक क्षेत्र में स्थित सिंघानिया आयल मिल पर छापेमार कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में नकली और मिलावटी तेल के पाउच बरामद किए हैं। साथ ही तेल मिल को सील कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,  मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि 27 मई को स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में सरसों के तेल के पांच सैंपल की जांच की गई। पांचों सैंपल फेल हो गए। वे अपेक्षित मानक या गुणवत्ता के नहीं थे।  प्रशासन की ओर से फैक्ट्री प्रबंधन को पतजंलि को तेल सप्लाई करने और पैकिंग करने, फैक्ट्री का लाइसेंस और पैकिंग करने का लाइसेंस के साथ अनुमति पत्र सहित अन्य दस्तवेज दिखाने के लिए कहा है।

छापेमारी के दौरान वीडियोग्राफी
प्रशासन की ओर से फैक्ट्री प्रबंधन को पतजंलि को तेल सप्लाई करने और पैकिंग करने, फैक्ट्री का लाइसेंस और पैकिंग करने का लाइसेंस के साथ अनुमति पत्र सहित अन्य दस्तवेज दिखाने के लिए कहा है। अलवर कलेक्टर के नेतृत्व में सिंघानिया आयल मिल फैक्ट्री में छापेमार कार्रवाई की गई और इसकी वीडियोग्राफी भी करवाई गई ।

एसईए भी आपत्ति जता चुका
बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि के सरसों के तेल पर खाद्य तेल उद्योग संगठन (एसईए) भी सवाल उठा खड़ा कर चुका है।  संगठन ने कंपनी के उस विज्ञापन पर आपत्ति जताई थी, जिसमें दावा किया गया है कि सरसों तेल के अन्य ब्रांड के कच्ची घानी तेल में मिलावट है और पतंजलि सरसों तेल सौ फीसदी शुद्ध है।

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