बढ़ते मामलों से विमानन क्षेत्र को भारी नुकसान, खड़े हुए एयरएशिया के 90 फीसदी विमान

बढ़ते मामलों से विमानन क्षेत्र को भारी नुकसान, खड़े हुए एयरएशिया के 90 फीसदी विमान
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कोरोना वायरस माहामारी के कारण एयरएशिया ग्रुप के लगभग 200 से अधिक विमान खड़े हो गए हैं। यह कुल बेड़े का करीब 90 फीसदी है। कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण कंपनी को पूरे एशिया में व्यापार को लेकर कईदिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।  रॉयटर्स के मुताबिक, मलयेशिया यूनिट के एक कार्यकारी ने इसकी जानकारी दी। 105 विमानों के साथ कंपनी के सबसे बड़े बाजार मलयेशिया में इस समय लॉकडाउन है। इस संदर्भ में मुख्य परिचालन अधिकारी जावेद अनवर मलिक ने सीएपीए सेंटर फॉर एविएशन इवेंट में कहा कि एयरएशिया मलयेशिया को उम्मीद है कि अगस्त महीने से मांग में फिर से तेजी आ सकती है। इससे कंपनी अक्तूबर तक सभी 17 घरेलू हवाई अड्डों पर सेवा बहाल कर सकेगी।

332 करोड़ रुपये रहा एयरएशिया का नुकसान
एयरएशिया इंडिया भारत में 33 एयरबस ए320 विमानों के जरिये 19 गंतव्यों पर परिचालन करती है। इनमें से तीन ए320 नियो विमान हैं। कोरोना वायरस महामारी का विमानन क्षेत्र पर काफी बुरा असर पड़ा है। इसी दौरान एयर एशिया इंडिया का नुकसान अप्रैल- जून 2020 में बढ़कर 332 करोड़ रुपये तक पहुंच गया जो कि एक साल पहले इसी अवधि में 15.11 करोड़ रुपये पर था।

कोरोना के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगेगा जुर्माना
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा है कि सभी हवाई अड्डे के परिचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हवाई अड्डे पर और यात्रा के दौरान लोगों ने मास्क सही तरीके से पहना है या नहीं। साथ ही हवाई अड्डे के परिसर में सुरक्षित शारीरिक दूरी भी बनाए रखनी होगी। डीजीसीए ने एयरलाइंस को अचानक जांच करने का निर्देश भी दिया। अगर एयरलाइंस विमान के अंदर नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं करा पाती हैं, तो उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। साथ ही, यदि कोई व्यक्ति बार-बार चेतावनी के बावजूद नहीं मानता है तो उसके साथ ‘अनियंत्रित यात्री’ जैसा व्यवहार किया जाएगा।

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