कोवाक्सिन के परीक्षण परिणाम की समीक्षा : डब्ल्यूएचओ

कोवाक्सिन के परीक्षण परिणाम की समीक्षा :  डब्ल्यूएचओ
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देश की पहली स्वदेशी वैक्सीन को जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल सकती है। अभी तक हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक की कोवाक्सिन डब्ल्यूएचओ की सूची में नहीं है। लेकिन पिछले सप्ताह की ही कंपनी ने वैक्सीन से जुड़े परीक्षण परिणाम संगठन से साझा किए हैं।

दक्षिणी पूर्वी एशिया की निदेशक डॉक्टर पूनम खेत्रपाल ने कहा है कि कोवाक्सिन के दस्तावेजों की समीक्षा चल रही है। हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जल्द ही कोवाक्सिन को डब्ल्यूएचओ की सूची में शामिल कर लिया जाएगा। अभी तक सूची में शामिल कोवाक्सिन लेने वाले व्यक्तियों को तमाम देशों में प्रवेश नहीं मिल रहा है।

खेत्रपाल ने यह भी बताया कि कोवैक्स कार्यक्रम से भारत को मॉडर्ना वैक्सीन की 75 लाख खुराक की पेशकश की गई है। निदेशक ने कहा कि फाइजर, एस्ट्राजेनेका, मॉडर्ना, जॉनसन एंड जॉनसन, सिनोवैक और सिनोफार्म को डब्ल्यूएचओ द्वारा इस्तेमाल की अनुमति मिल चुकी है।

बता दें कि दिल्ली में कोविशील्ड टीके का स्टॉक खत्म हो गया है। ऐसे में कल फिर से इस वैक्सीन के कई केंद्र बंद हो सकते हैं। वैक्सीन बुलेटिन के अनुसार शनिवार सुबह तक कोविशील्ड की 47 हजार खुराक और कोवाक्सिन की 2,20,000 खुराकें थीं। शनिवार को चले टीकाकरण कार्यक्रम में कोविशील्ड का लगभग पूरा स्टॉक खत्म हो गया है।ऐसे में अगर सोमवार सुबह तक पर्याप्त स्टॉक नहीं मिला तो कई केंद्र बंद रह सकते हैं। बुलेटिन के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 87,403 वैक्सीन लगाई गई। दिल्ली में अबतक करीब 92 लाख 58 हजार लोगों को टीका लग चुका है। इनमें 70 लाख 70 हजार को पहली और 21 लाख 88 हजार को दूसरी डोज लग चुकी है। बीते कुछ दिनों से वैक्सीन की कमी बनी हुई है।

 

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