तबादले पर बिफरे इंस्पेक्टर

तबादले पर बिफरे इंस्पेक्टर
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मुठभेड़ में सात पशु तस्करों को पैर में एक ही जगह गोली लगने के मामले में किरकिरी होने पर लोनी बॉर्डर थाने के प्रभारी पद से हटाए गए इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी कार्रवाई से बिफर गए हैं। एसएसपी पवन कुमार का आदेश न मान वह छुट्टी पर चले गए। इससे पहले जीडी में तस्करा लिखा दिया, कार्रवाई से मनोबल गिरा है, मानसिक स्थिति ठीक नहीं, घर जा रहा हूं, न नौकरी की जरूरत है न तनख्वाह की, मानसिक रूप से ठीक होने तक मुझे कार्यमुक्त रखा जाए। इस पर एसएसपी का कहना है कि इंस्पेक्टर गैर हाजिर हुए तो अनुशासनहीनता माना जाएगा।
एसएसपी पवन कुमार ने उन्हें शनिवार को लोनी बॉर्डर थाना प्रभारी के पद से हटाकर इंदिरापुरम थाना का निरीक्षक अपराध बनाया था। इसके आदेश पर वह इंदिरापुरम थाना में ज्वाइन करने नहीं गए। उन्होंने रात दस बजे जीडी मेंतस्करा डाला और घर के लिए रवाना हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि तस्करे की जानकारी पर अफसरों ने उन्हें मनाने की कोशिश की और उनसे कहा कि वह ड्यूटी ज्वाइन कर लें, लेकिन उन्होंने किसी की एक न सुनी।

इंस्पेक्टर का कहना है कि मुठभेड़ के बाद लोनी के भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर व हिंदू संगठनों द्वारा उनका सम्मान करने के कारण उन्हें थाने से हटाया गया है। उन्होंने सम्मान करने के लिए किसी को नहीं बुलाया था। लोग खुद थाने आए थे। अफसरों को इसमें कुछ गलत लगा तो पहले जांच कराते, फिर कार्रवाई करते।उन्होंने लोगों से कहा था कि वह उनका नहीं, एसएसपी का सम्मान करें, लेकिन लोग नहीं माने। अफसरों के मनाने के सवाल पर कहा कि जब मनोबल ही गिर गया है तो ड्यूटी कैसे ज्वाइन कर सकते हैं? इसलिए मना कर दिया।

रवानगी करने के बाद इंस्पेक्टर के ड्यूटी ज्वाइन न करने की सूचना मिली है। अगर वह गैरहाजिर होतेे हैं तो अनुशासनहीनता के आरोप में रिपोर्ट लेकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। नौकरी करने का मन न होने को इस्तीफे के रूप में जोड़कर नहीं देखा जा सकता। अगर वह इस संबंध में कुछ लिखकर देंगे तो उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। अगर तबादला होने से उनका मनोबल गिरा है तो वह अपना मनोबल ऊंचा रखें, क्योंकि ट्रांसफर एक प्राशासनिक प्रक्त्रिस्या है। इंस्पेक्टर ड्यूटी ज्वाइन करें और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करें।

 

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