‘भारत को जानो कार्यक्रम’ के अंतर्गत भारत आए भारतवंशी युवाओं ने डॉ. जितेन्द्र सिंह से मुलाकात की

‘भारत को जानो कार्यक्रम’ के अंतर्गत भारत आए भारतवंशी युवाओं ने डॉ. जितेन्द्र सिंह से मुलाकात की

‘भारत को जानो कार्यक्रम’ (केआईपी) के अंतर्गत भारत की यात्रा पर आए युवाओं के एक समूह ने आजनई दिल्ली में केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय,कार्मिक,जन शिकायत एवं पेंशन,परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंहसे मुलाकात की। यह ‘भारत को जानो कार्यक्रम’ के तहत 54वां दौरा है। इस समूह में 9 देशों यथा फिजी (07), गुयाना (6), म्यांमार (03), दक्षिण अफ्रीका (02), सूरीनाम (05), त्रिनिदाद और टोबैगो (07), मॉरीशस (07), रीयूनियन द्वीप (01), इज़राइल (02) के 40 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें 26 युवतियां और 14 युवक है। भागीदार राज्य हरियाणा और पंजाब के सहयोग से 54वां भारत को जानो कार्यक्रम 1 अगस्त से 25 अगस्त, 2019 तक चलेगा। इस समूह ने 6 अगस्त से लेकर 15 अगस्त, 2019 तक साझेदार राज्यों का दौरा किया। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि केआईपी कार्यक्रम भारतवंशी युवाओं को भारत की संस्कृति और विरासत के बारे में जानने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह उन्हें अपनी जड़ों और पारिवारिक संबंधों को समझने में भी मदद करता है। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने युवाओं के साथ बातचीत की और उनकी शैक्षिक और व्यावसायिक पृष्ठभूमि तथा उनके पूर्वजों से संबंधित राज्यों सहित अन्य पहलुओं को समझा। युवाओं ने उनके साथ अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने स्वर्ण मंदिर, अटारी सीमा, जलियांवाला बाग, कुरुक्षेत्र, आनंदपुर साहेब, पिंजौर गार्डन और विरासत-ए-खालसाआदि पंजाब और हरियाणा केउन स्थानों के बारे में चर्चा कीजिनका उन्होंने दौरा किया। भारत के बारे में चर्चा करते हुएडॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की है। उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम और हाल के चंद्रयान -2 मिशन के बारे में युवाओं को जानकारी दी।उन्होंनेयुवाओं को गगनयान मिशन के बारे में भी बताया, जिसे वर्ष 2022 तक लॉन्च करने की योजना है। उन्होंने कहा कि भारत युवाओं के लिए एक आकर्षक स्थान बन गया है क्योंकि सरकार ने उनके लिए अनेक अवसरों का सृजन किया है।उन्होंने कहा कि देश की लगभग 70 प्रतिशत जनसंख्या 40 वर्ष से कम आयु की है, इसलिए युवा वर्ग भारत का एक महत्वपूर्ण घटक है। उन्होंनेभारत के दौरे पर आए इन युवाओं को भारत में अपने पैतृक मकानों और शहरों का दौरा करने के लिए प्रोत्साहित किया। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने उन्हें अन्य स्थानों के अलावा प्रगति मैदान में राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला, हॉल ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी का दौरा करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली में इसी की तर्ज पर एक हॉल फॉर स्पेस टेक्नोलॉजी की भी योजना बनाई जा रही है। उन्होंने इन युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और जीवन में सफलता की कामना की। दिल्ली में, इन युवाओं ने नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट, अक्षरधाम मंदिर, राष्ट्रीय संग्रहालय, कुतुब मीनार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय और जैव प्रौद्योगिकी विभाग का दौरा किया। वे संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, नीति आयोगऔर इन्वेस्ट इंडियाका भी दौरा करेंगे। उनका आगरा जाने का भी कार्यक्रम है। भारत को जानो कार्यक्रम भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है,जो 18-30 वर्ष आयु वर्ग केभारतवंशी छात्रों और युवा पेशेवरों को साथ जोड़ने और अपनी मातृभूमि से जुड़ाव महसूस करानेतथा भारत में होने वाले परिवर्तन से प्रेरित और अभिप्रेरित करने के उद्देश्य से शुरू की गई। केआईपी का उद्देश्य उन्हें समकालीन भारत की कला, विरासत और संस्कृति के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देने तथा भारत में जीवन के विभिन्न पहलुओं तथा उद्योग, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, जलवायु एवं बिजली व नवीकरणी ऊर्जा आदि जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना है। केआईपी 25-दिन का एक ओरिएंटेशन प्रोग्राम है, जो विदेश मंत्रालय (एमईए) द्वारा एक या दो राज्यों की साझेदारी सेआयोजित किया जाता है, इसमेंसाझेदार राज्यों की 10 दिन की यात्रा भी शामिल होती है। 2004 से, मंत्रालय ने 1821 प्रवासी भारतीय युवाओं की भागीदारी के साथ केआईपीके 53 दौरों का आयोजन किया है। प्रतिभागियों का चयन विदेशों में भारतीय मिशनों/डाक द्वारा सुझाए गए नामांकन के आधार पर किया जाता है। इस अवसर पर अपर सचिव (डीओपीटी), सुश्री सुजाता चतुर्वेदी और संयुक्त सचिव, विदेश मंत्रालय (ओआईए), श्री रामू अब्बागनी भी उपस्थित थे।

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