परीक्षा में जाती से जुड़ा सवाल: स्‍टालिन ने इसे जातिगत दुर्भावना से प्रेरित करार दिया

परीक्षा में जाती से जुड़ा सवाल: स्‍टालिन ने इसे जातिगत दुर्भावना से प्रेरित करार दिया

चेन्नई
केंद्रीय विद्यालय की क्‍लास 6 की परीक्षा में दलितों और मुस्लिमों से जुड़े सवाल पू्छे जाने पर तमिलनाडु में राजनीति गरम हो गई है। राज्‍य में विपक्षी पार्टी डीएमके के अध्‍यक्ष एमके स्‍टालिन ने इसे जातिगत दुर्भावना से प्रेरित करार देते हुए परीक्षा का पेपर बनाने वाले शिक्षकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्‍होंने कहा कि वह इस प्रश्‍न को देखकर आश्‍चर्य में हैं।
स्‍टालिन ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को टैग करते हुए ट्वीट किया, ‘केंद्रीय विद्यालय की क्‍लास 6 की परीक्षा में आए प्रश्‍न को देखकर मुझे सदमा लगा है और मैं अचंभित हूं जिसमें इस तरह के सवाल हैं जो जातिगत दुर्भावना और सांप्रदायिक मतभेद को बढ़ावा देते हैं। इस प्रश्‍न पत्र को जिन लोगों ने तैयार किया है, उनके खिलाफ कानून की उचित धाराओं में आवश्‍यक रूप से कार्रवाई करनी चाहिए।
स्‍टालिन ने प्रश्‍न पत्र की एक तस्‍वीर को भी शेयर किया है। इसमें एक सवाल में पूछा गया है कि दलित का क्‍या मतलब है? इस सवाल के जवाब में चार उत्‍तर दिए गए हैं। पहला विदेशी, दूसरा अछूत, तीसरा मध्‍यम वर्ग और चौथा उच्‍च वर्ग। इसी तरह के एक अन्‍य सवाल में पूछा गया है कि मुसलमानों के बारे में लोगों की आम धारणा क्‍या है? इस सवाल के जवाब में चार विकल्‍प छात्रों को दिए गए हैं।
पहले विकल्‍प में कहा गया कि मुस्लिम अपनी बच्चियों को स्‍कूल नहीं भेजते हैं, दूसरे विकल्‍प में कहा गया है कि मुसलमान शुद्ध शाकाहारी होते हैं, तीसरा विकल्‍प दिया गया है मुसलमान रोजा के दौरान किसी भी समय सोते नहीं हैं। चौथे विकल्‍प में कहा गया है कि उपरोक्‍त सभी। उधर, इस ट्वीट के बाद बड़ी संख्‍या में लोग ट्वीट करके प्रश्‍न पत्र की आलोचना कर रहे हैं।

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