पुरी दुनिया मानती है, कोलकाता की कुम्हार टोली का लोहा

पुरी दुनिया मानती है, कोलकाता की कुम्हार टोली का लोहा

पश्चिम बंगाल में इस समय दुर्गा पूजा का त्यौहार पश्चिम बंगाल में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है बनाई जाने वाली मूर्तियां के लिए पूरा दुनिया मानती है 90 परसेंट से भी अधिक मूर्तियां कोलकाता की कुमार टोली बना कर देती है एंटी कलाकृतियां 200 साल पुरानी है इनसे पूरा कोलकाता के काम से हम 90% लोगों को मोतियों की आपूर्ति की जाती हैं की कलाएं पूरा विश्व में पूरा विश्व कलाओं का लोहा मानता है कोलकाता की इस बस्ती में मूर्तिकार ही बसे हैं, इन बस्ती में मूर्ति कारों के द्वारा बनाई गई मूर्तियां यह पूरी दुनिया को देखने का एक नया आयाम देती हैं|

कुछ नहीं का एक नया तरीका मिलता है पूरे साल मेहनत कर यह मूर्तिकार करीब 10000 से भी अधिक मूर्तियों को अपनी मेहनत और कलर से सुनते हैं अपनी आस्था से उसे रंग देते हैं उसे समाज में फलने फूलने के लिए एक नया आयाम देते हैं इन मूर्तिकार ओ द्वारा बनाई गई लगभग 10000 मूर्तियां पूरे कोलकाता में अलग-अलग जगह जाती हैं इनके मेहनत और लगन का ही परिश्रम है मूर्ति जैसे कठिन काम को करने में भी यह सच्चा हो पाते हैं यह मूर्तियां देसी में नहीं विदेशों में भी एक्सपोर्ट की जाती है विदेशों में भी इन मूर्तियों को देखा गया है मोती कारों द्वारा बसाया गया जमीन 10 एकड़ में फैला हुआ है |

एक भी एक मूर्तिकार ने बताया कि उन्नीसवीं सदी के शुरुआत में इन मोती कारों को बसाया गया था लेकिन अभी तक यहां पर सौहार्द पूर्वक रहते हैं आज तक ना मूर्तियों की मांग कम हुई है ना लोगों का हम पर से विश्वास लोग हम पर बहुत विश्वास करते हैं लोग मानते हैं कि हमारे द्वारा बनाई गई मूर्तियां ही देश में प्रथम दर्जे की मूर्तियां होती हैं आस्था के फलस्वरूप ही हमारे द्वारा बनाई गई मूर्तियां देश में हर जगह सुशोभित होती हैं पिछले 10 सालों में देश का बहुत कुछ बदल गया है लेकिन हम जहां थे वहीं रह गए हैं हम बनाने के जिस काम को अंजाम दे रहे हैं हम चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ी भी इसे बखूबी निभाएl

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Right Click Disabled!