सर्वोच्च न्यायाधीश ने उ.प्र. के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की

सर्वोच्च न्यायाधीश ने उ.प्र. के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की

नई दिल्ली।

अयोध्या पर फैसला आने में महज चंद दिन बचे हैं। फैसला आने से पहले उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर तमाम उपाय किए जा रहे हैं। इस बीच सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई फैसला सुनाने से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी, डीजीपी ओमप्रकाश सिंह समेत कई वरिष्ठ अफसरों के साथ बैठक की। अयोध्या केस में फैसला आने से पहले प्रदेश की सुरक्षा तैयारियों के लिहाज से इस मुलाकात को अहम बताया जा रहा है।

अयोध्या मामले की मुख्य न्यायाधीश की अगुआई वाली 5 जजों की बेंच ने सुनवाई की थी। उत्तर प्रदेश के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक में बेंच के अन्य जज भी मौजूद हैं। इस बीच अयोध्या जिले को चार जोन- रेड, येलो, ग्रीन और ब्लू में बांटा गया है। इनमें 48 सेक्टर बनाए गए हैं। विवादित परिसर, रेड जोन में स्थित है। पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा योजना इस तरह बनाई जा रही है कि एक आदेश पर पूरी अयोध्या को सील किया जा सके। प्रशासन ने फैसले का समय नजदीक आने पर, अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त 100 कंपनियां मांगी हैं। इससे पहले दीपोत्सव पर यहां सुरक्षाबलों की 47 कंपनियां पहुंची थीं, जो अभी भी तैनात है।

अयोध्या के जिलाधिकारी अनुज कुमार ने कहा कि प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। हालांकि फैसले के मद्देनजर विवादित जगह के आसपास रहने वाले लोग घरों में राशन जमा कर रहे हैं। हालांकि, उन्हें भरोसा दिलाया गया है कि सामान्य जीवन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। फैसले के बाद स्कूलों के खुलने के संबंध में भी बातचीत की जा चुकी है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार या किसी भी सम्प्रदाय के खिलाफ भड़काऊ कंटेंट के प्रसार पर नजर रखने के लिए जिले के 1600 स्थानों पर 16 हजार वॉलंटियर तैनात किए हैं। गड़बड़ी रोकने के लिए 3000 लोगों को चिह्नित करके उनकी निगरानी की जा रही है।

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