MCX बुलडेक्स : एक नई शुरुआत…

MCX बुलडेक्स : एक नई शुरुआत…
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भारत के कमोडिटी वायदा बाजार के इतिहास में पहली बार कीमती धातु का सूचकांक एमसीएक्स बुलडेक्स लॉन्च किया गया है। यह बुलडेक्स का बाजार के विभिन्न वर्गों द्वारा अपनी जरूरत के मुताबिक उपयोग कर सकते है। हम जानते ही हैं कि बाजार में विभिन्न प्रकार के प्रतिभागियों ट्रेड करते है, जैसे गोल्ड-सिल्वर के व्यापारियों, बूलियन डीलर्स, ट्रेडर्स, जोबर्स, आर्बिट्राजर्स, ब्रोकर्स, निफ्टी और बैंक निफ्टी के ट्रेडर्स, टेक्निकल विश्लेषक/ट्रेडर्स, रेशियो ट्रेडर्स और दूसरे अन्य निवेशकों बाजार में ट्रेड करते हैं। अब हम चर्चा करेंगे कि नए सूचकांक बुलडेक्स का इन प्रतिभागियों कैसे उपयोग कर सकते हैं।

तो आइए सबसे पहले इस नए बूलियन इंडेक्स के बारे में अधिक जानें। यह बूलियन इंडेक्स को सोना और चांदी दोनों की घटबढ़ के आधार पर बनाया गया है। यह बूलियन इंडेक्स के लिए 31 दिसंबर, 2015 को आधार वर्ष के लिए लिया गया है और इसके लिए आधार मूल्य 10,000 का निर्धारित किया गया है। सोना और चांदी का भारांक (वेईटेज) प्रत्येक वर्ष इन दोनों के वोल्यूम और बाजार के आकार के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। यह वेईटेज वर्ष 2020 के लिए सोना का 70.52 प्रतिशत का और चांदी का 29.48 प्रतिशत का तय किया गया है।

यह सूचकांक के लिए एक्सचेंज द्वारा प्रत्येक प्रतिभागियों को ध्यान में रखते हुए इसकी लॉट साइज 50 की रखी गई है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह इंडेक्स का कैश में सेटलमैंट होगा यानि की इसकी एक्सपायरी पर सोना और चांदी के वायदा के भाव की तरह ही इस इंडेक्स की देय तिथी दर तय की जाएगी और इसमें डिलिवरी लेनी या देनी नहीं है, इसलिए बाजार के कई प्रतिभागियों को लाभ होगा।

बूलियन इंडेक्स की उपयोगिता

आइए अब देखते हैं इस नए सूचकांक बुलडेक्स का विभिन्न प्रतिभागियों किस तरह उपयोग कर सकते हैं।

बुलियन डीलर्स और ज्वैलर्सः यदि आप हाजिर बुलियन में डीलिंग करते हैं या आप ज्वैलर्स है, तो आपको सोना और चांदी के भाव का जोखिम रहता है। भाव की घटबढ़ की वजह से आपको आपके लाभ मार्जिन पर विपरीत प्रभाव हो सकता है। यह भाव के जोखिम को कम करने के लिए आप बुलियन इंडेक्स बुलडेक्स का उपयोग कर सकते है। यह बुलडेक्स आपको कम लागत पर आपको दोनों कीमती धातुओं में भाव की घटबढ़ के सामने सुरक्षा प्रदान कर सकता है। इसके अलावा, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव में आर्थिक आंकड़ों के समय उतार-चढ़ाव होता है, तब एक साथ एक ही समय पर सोना-चांदी में अलग-अलग ट्रेडिंग करने के बजाय बुलियन इंडेक्स एक में ही दोनों का हेजिंग हो सकता है, जो आपको थोड़े समय में आपको तुरंत उपयोगी साबित होगा।

ट्रेडर्सः ट्रेडर्स के रूप में आप एमसीएक्स और कॉमेक्स के सोना के भाव को ट्रेक करके बुलडेक्स में व्यापार बिठा सकते है। बुलडेक्स के भाव की घटबढ़ गोल्ड और सिल्वर के भाव में उतार-चढ़ाव पर आधारित है, अगर आपका गोल्ड और सिल्वर में ध्यान तेजी का है, तो आप बुलडेक्स में बाय पोजिशन ले सकते है और दूसरी ओर यदि आप सोना-चांदी में मंदी का खयाल रखते है तो आप बुलडेक्स बेचकर व्यापार कर सकते है। सोना और चांदी दोनों में 100 अंक की घटबढ़ होती है तो बुलडेक्स में लगभग 30 अंक की घटबढ़ देखने मिल सकती है।

जोबर्सः जोबर्स के रूप में आप एमसीएक्स के टर्मिनल पर उपलब्ध बुलडेक्स की अंतर्निहित (अंडरलाइंग) प्राइस को ध्यान में रखते हुए एमसीएक्स बुलडेक्स के फ्यूचर्स में सौदे कर सकते है। चूंकि बुलडेक्स फ्यूचर्स में अभी ट्रांजेक्शन चार्ज शून्य है, इसलिए ब्रेक-इवन दो टिक में हो जाएगी, जिसका मतलब है कि जोबर्स के रूप में आप गति से व्यापार कर सकते हो। बुलडेक्स फ्यूचर्स की घटबढ़ बुलडेक्स अंडरलाइंग पर आधारित है, इसलिए तुरंत एन्ट्री और एक्जिट आसानी से मिल सकती है।

आर्बिट्राजर्सः यदि आप आर्बिट्राजर है, तो आप गोल्ड और सिल्वर के कांट्रैक्ट के सामने बुलडेक्स फ्यूचर्स में आमने-सामने पोजिशन बना सकते है। यदि आप गोल्ड-सिल्वर के भाव और बुलडेक्स के भाव में पेरिटी के आधार पर यदि आपको अंतर दिखाई देता है, तो आप गोल्ड-सिल्वर बेचकर बुलियन इंडेक्स खरीद सकते हैं या गोल्ड-सिल्वर खरीदकर बुलियन इंडेक्स बेच सकते हैं। वर्तमान भाव के मुताबिक, यदि आप एक बड़ा गोल्ड और एक बड़ी सिल्वर का लोट खरीदते हैं तो आप 9 बुलियन इंडेक्स का लोट बेचना होगा और यदि आप एक बुलियन इंडेक्स में व्यापार करने चाहते है, तो आपको एक बुलियन इंडेक्स के सामने एक गोल्ड-मिनी और एक सिल्वर-मिनी में व्यापार कर सकते हैं।

ब्रोकर्सः यदि आप ब्रोकर या एमसीएक्स के सदस्य हैं, तो आपको इस नई प्रोडक्ट के माद्यम से नए क्लायंट या ग्राहक मिल सकते हैं। चूंकि यह प्रोडक्ट नोन-डिलिवरी की है, इसलिए हाजिर बाजार के अलावा दूसरे ग्राहकों को भी आप आकर्षित कर सकते हैं। इस तरह आप अपने ब्रोकरेज रेवेन्यू को बढ़ा सकते हैं। निफ्टी और बैंक निफ्टी के

ट्रेडर्सः यदि आप निफ्टी या बैंक निफ्टी में काम करते हैं, तो आप निफ्टी और बुलडेक्स में स्प्रैड में काम कर सकते हैं, क्योंकि निफ्टी और बुलडेक्स के बीच सहसंबंध काफी कम रहता है या कभी-कभी नकारात्मक सहसंबंध भी देखने मिलता है। इसका मतलब है कि कभी-कभी जब निफ्टी ऊपर जाता है, तो बुलडेक्स नीचे आता है और यदि निफ्टी नीचे जाता है तो बुलडेक्स ऊपर आने की संभावना रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा होने के पिछे की एक वजह रुपी-डॉलर के उतार-चढ़ाव भी होती है।

इसके अलावा, दोपहर साढ़े तीन के बाद आप निफ्टी का एक्सपोज़र बुलडेक्स के मार्फत इन्वर्सली ले सकते है, यानी कि अगर आपको निफ्टी में तेजी लगती है, तो बुलडेक्स में मंदी का व्यापार बिठा सकते है और यदि निफ्टी में मंदी लगती है तो आप बुलडेक्स में तेजी का व्यापार बिठा सकते है। इसके अलावा, यदि आपको निफ्टी का हेजिंग करना होगा तो बुलडेक्स में जो पोजिशन निफ्टी की होगी, वो ही सेईम पोजिशन बुलडेक्स में ले सकते हैं। इसका मतलब है कि यदि आप निफ्टी में लॉन्ग है और आपको अपना पोर्टफोलियो हेज करना चाहते हैं, तो आपको बुलडेक्स भी लॉन्ग करना चाहिए और यदि आप निफ्टी में शोर्ट है और हेज करना है, तो आपको बुलडेक्स में भी शोर्ट करना चाहिए।

टेक्निकल विश्लेषक/ट्रेडर्सः यदि आप टेक्निकल विश्लेषक का ज्ञान रखते है और इसके आधार पर बाजार में ट्रेड करते है तो आप गोल्ड के चार्ट को एनलाईज कर सकते हो और इसके संकेत और टेक्निकल लैवल के आधार पर आप बुलडेक्स में व्यापार बिठा सकते हो, यानि की यदि आपको टेक्निकली सोना-चांदी में तेजी या मंदी लगती है तो आप बुलडेक्स में तेजी या मंदी कर सकते हो। एक बार बुलडेक्स का डेटा जनरेट होने के बाद आप बुलडेक्स का चार्ट भी एनालिसीस कर सकते है।

रेशियो ट्रेडर्सः यदि आप गोल्ड और सिल्वर में रेशियो ट्रेडिंग करते है, तो आपके लिए बुलडेक्स फ्यूचर्स बहुत ही उपयोगी साबित हो सकता है, यदी आपको गोल्ड-सिल्वर रेशियो बढ़ेगा ऐसा लगता है तो आप बुलडेक्स में खरीद करके व्यापार कर सकते है और इससे विपरीत यदि आपको गोल्ड-सिल्वर रेशियो घटेगा ऐसा लगता है, तो आप बुलडेक्स में बिक्री की पोजिशन बना सकते हैं। इन शोर्ट गोल्ड-सिल्वर का रेशियो और बुलडेक्स का सहसंबंध सकारात्मक देखने मिल सकता है, क्योंकि बुलडेक्स में सोना का वेईटेज चांदी के वेईटेज से अधिक है।

अन्य निवेशकः यदि आप केवल सोना-चांदी के बाजार में व्यापार करना चाहते हैं और भाव की घटबढ़ का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आप बुलडेक्स में खरीद या बिक्री करके सोना-चांदी की तेजी-मंदी का लाभ ले सकते है। बुलडेक्स में डिलिवरी लेनी नहीं होगी और केवल पैसे की लेन-देन की करनी होगी। दूसरी बात मन्थली एक्सपायरी होने से आप शोर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म का प्लानिंग कर सकते है और अपने निवेश किए हुए पैसे का अच्छा मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं।

इस तरह आगे जो जानकारी दी है, उसके आधार पर इतना कह सकते हैं कि भारत का नंबर-1 कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स द्वारा शुरु किए गए देशका पहला कीमती धातु का सूचकांक एमसीएक्स बुलडेक्स बाजार के सभी प्रतिभागियों को उपयोगी साबित हो सकता है और आने वाले दिनों में जिस तरह शेयर बाजार के लिए निफ्टी और सेंसेक्स प्रचलित है, उसी तरह सोना-चांदी बाजार के लिए बुलडेक्स प्रचलित हो जाएगा ऐसी उम्मीद जताई जा रही है। धन्यवाद। जय हिन्द।

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