मोदी सरकार ने दिया दिवाली गिफ्ट

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केंद्र सरकार ने राज्य के कर्मचारियों, राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को दी जाने वाली अवकाश यात्रा रियायत (एलटीसी) नकद वाउचर योजना के तहत एक और सुविधा दी है। सरकार ने कहा कि योजना के तहत अब पत्नी या परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से वस्तुओं या सेवाओं की खरीदारी कर सकते हैं। लेकिन ये सदस्य एलटीसी किराया पाने के योग्य होने चाहिए।

इस संदर्भ में वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने स्पष्ट किया कि अगर किसी कर्मचारी ने औपचारिक रूप से इस योजना में शामिल होने का विकल्प नहीं चुना है, तो भी वह 12 अक्तूबर या इसके बाद 12 फीसदी से अधिक जीएसटी वाली वस्तुओं या सेवाओं की खरीद पर धनराशि पाने का दावा कर सकता है।

व्यय विभाग ने कहा कि, ‘योजना के तहत खरीदे गए सामान और सेवाओं के चालान पति या पत्नी या किसी अन्य पारिवारिक सदस्य के नाम पर हो सकता है, जो एलटीसी के लिए पात्र हैं।’ सरकार ने अर्थव्यवस्था में मांग को बढ़ावा देने के लिए इस साल अपने कर्मचारियों को अवकाश यात्रा रियायत (एलटीसी) के एवज में नकद वाउचर देने की घोषणा की है। इन वाउचर का इस्तेमाल सिर्फ ऐसे गैर-खाद्य सामान खरीदने के लिए किया जा सकता है जिनपर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगता है। कर्मचारी उन वाउचर का इस्तेमाल ऐसे उत्पाद खरीदने के लिए कर सकते हैं जिन पर जीएसटी की दर 12 फीसदी या अधिक है। प्रत्येक चार साल में सरकार अपने कर्मचारियों को उनकी पसंद के किसी गंतव्य की यात्रा के लिए एलटीसी देती है। इसके अलावा एक एलटीसी उन्हें उनके गृह राज्य की यात्रा के लिए दिया जाता है।

इस योजना की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 12 अक्तूबर को कहा था कि कोविड-19 महामारी की वजह से कर्मचारियों के लिए इस साल यात्रा करना मुश्किल है। ऐसे में सरकार ने उन्हें नकद वाउचर देने का फैसला किया है। इसे 31 मार्च 2021 तक खर्च करना होगा।

 

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