चुनाव नतीजों के बाद क्या बढ़ने लगेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?

चुनाव नतीजों के बाद क्या बढ़ने लगेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?
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पिछले दो महीनों से देश में तेल कंपनियों (ऑयल मार्केटिंग कंपनियों) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई हैं। यहां तक कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम 67 डॉलर के स्तर पर मंडराता रहा। हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि दो मई यानी चुनाव नतीजों के बाद इस ट्रेंड में बदलाव देखा जा सकता है। आइए इन पांच कारणों से इसे समझते हैं…

बता दें कि पिछले दो महीने से तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया यानी पिछले दो महीनों से तेल की कीमतें स्थिर हैं। 27 फरवरी से तेल की कीमतें नहीं बदली गई हैं। हालांकि मई के पहले महीने में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।राज्य की तेल कंपनियां धीरे-धीरे पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा सकती हैं। कृत्रिम रूप से तेल की कीमतें कम रखने से उन्हें होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की जा सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए चुनाव की गणना के बाद तेल के दाम बढ़ सकते हैं।

अपने नुकसान की भरपाई करने के लिए तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल के दामों में दो से तीन रुपये की बढ़ोतरी कर सकती हैं। हालांकि ये बढ़ोतरी अलग-अलग चरणों में की जाएगी।

 

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