बागी प्रत्याशियों को मनाना भाजपा के लिए चुनौती, ये है बड़ी वजह

बागी प्रत्याशियों को मनाना भाजपा के लिए चुनौती, ये है बड़ी वजह

पच्छाद उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी ने प्रचार शुरू कर दिया है। भाजपा के लिए बागी प्रत्याशियों को मनाना कठिन हो रहा है। भाजपा सरकार और संगठन दोनों बागियों को मनाने में लगे हैं। सूत्रों के अनुसार टिकट वितरण के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से आशीष सिकटा को फोन पर सीएम जयराम ठाकुर से बात करने का आग्रह किया गया, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।

नामांकन वाले दिन भी राजगढ़ में सिकटा को बात के लिए बुलाया जा रहा था, लेकिन उन्होंने कहीं ओर नहीं, बल्कि अपने समर्थकों से पास आकर बात करने को कहा। इस बीच समर्थकों के तेवर देखकर यह संभव नहीं हो पाया। बताया जा रहा है कि टिकट आवंटन को लेकर मंडल भी खुश नहीं था। उन्होंने इस बारे में हाईकमान को भी जानकारी दे दी थी। संगठन ने काफी मुश्किल से मंडल को मनाया।

इसमें प्रदेश प्रभारी मंगल पांडे ने विशेष भूमिका निभाई। बलदेव कश्यप भी पहले नामांकन भरने वाले थे और सरकार व संगठन से बात नहीं कर रहे थे। भाजपा मंडल पदाधिकारियों को मनाने के बाद उन्हें भी मंडल के माध्यम से मनाया जा सका। दयाल प्यारी को मनाने में भी सरकार व संगठन के लोग संपर्क कर रहे हैं।

यदि भाजपा का एक या दोनों बागी प्रत्याशी आशीष सिकटा व दयाल प्यारी चुनावी मैदान में डटे रहे तो भाजपा की राह आसान नहीं होगी। पिछले चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी जीआर मुसाफिर ने साढ़े तेईस हजार से अधिक मत हासिल किए थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी सुरेश कश्यप तीस हजार मत लेकर 6700 मतों से विजयी हुए थे। ऐसे में पांच सात हजार मत यदि भाजपा के बागी ले गए तो बाजी पलट भी सकती है।

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